देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से एक व्यक्ति की मौत, तीन अन्य घायल

शिमला, 17 जुलाई हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में सोमवार तड़के बादल फटने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

राज्य आपात प्रतिक्रिया केंद्र के अनुसार, कुल्लू में कायास गांव के पास तड़के करीब तीन बजकर 55 मिनट पर यह घटना हुई, जिससे कई वाहन बह गए और एक सड़क अवरुद्ध हो गई।

अधिकारियों के मुताबिक, बादल फटने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान कुल्लू के चंसारी गांव निवासी बादल शर्मा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घटना में घायल हुए तीन लोगों में से दो की हालत गंभीर है।

अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्राधिकारियों ने मोर्चा संभाला और मशीनों की मदद से सड़क को यातायात के लिए दुरुस्त करने की कवायद शुरू की। उन्होंने कहा कि सड़क के अवरुद्ध होने के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है।

हिमाचल प्रदेश में हल्की से भारी बारिश जारी रहने से राज्य में भूस्खलन होने की कई घटनाओं की सूचना मिली है। मशीन पर चट्टान गिर जाने से मंडी-पंडोह सड़क सात माइल के करीब दोबारा अवरूद्ध हो गई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन से शिमला में संजौली-लक्कर बाजार रोड भी अवरूद्ध हो गया। राज्य में 720 सड़कें बंद हैं, जहां मरम्मत कार्य जारी है।

स्थानीय मौसम विभाग कार्यालय ने राज्य में कुछ स्थानों पर 21 जुलाई तक भारी बारिश के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है और 23 जुलाई तक बारिश होने का अनुमान लगाया है।

राज्य आपात प्रतिक्रिया केंद्र के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 24 जून को मानसून की दस्तक के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क हादसों में 122 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12 लोग लापता बताये जा रहे हैं। बारिश के कारण राज्य को कुल 4,636 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

राज्य में सोमवार को मंडी जिले के कटौला में सबसे अधिक 89 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई इसके बाद यहां के बग्गी में 41.5 मिमी बारिश हुई। सेओबाग में 41 मिमी, नाहन में 36.5, सुंदरनगर में 32, भरमौर में 30, धौलाकुआं में 29, और मंडी एवं भुंतर में 21-21 मिमी बारिश हुई।

इस बीच, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने राजभवन से मंडी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री ले जाने वाले दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है और राष्ट्रीय रेड क्रॉस सोसाइटी से भी अधिक मात्रा में राहत सामग्री प्रदान करने का आग्रह किया गया है।

राज्यपाल ने बताया कि गृह मंत्रालय आपदा पर नजर रख रहा है और तत्काल राहत भी पहुंचा रहा है। उन्होंने आम जनता से आपदा राहत कोष में योगदान करने का भी आग्रह किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)