रांची, 24 जून झारखंड के खूंटी जिले में मुरहू में नक्सलियों के तलाश अभियान के दौरान कथित रूप से सुरक्षा बलों की गोली के शिकार हुए रोशन होरो को राज्य सरकार ने दस लाख रुपये की सहायता राशि देने और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा, ‘‘यह घटना दुःखद है। कोई भी किसी की जान पुनः वापस नहीं ला सकता, इसकी भरपाई नहीं हो सकती है। मृतक के परिजनों पर क्या गुजर रहा होगा। इसका एहसास है मुझे। राज्य सरकार के संज्ञान में मामला आया है। सरकार मृतक के परिजनों को हर संभव मदद करने का प्रयास करेगी।’’
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सोरेन ने कहा, ‘‘फिलहाल मृतक रोशन होरो की पत्नी जोसपिना होरो को दस लाख रुपये एवं मुरहू प्रखंड कार्यालय में कानून सम्मत नौकरी देने की व्यवस्था की जाएगी।’’
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उनसे मिलने आये रोशन होरो के परिजनों से बातचीत के दौरान यह निर्देश दिये। मृतक की पत्नी और अन्य परिजन आज यहां मंत्रालय में मुख्यमंत्री से मिलने आये थे।
रोशन होरो मुरहू थाना क्षेत्र के कुम्हारडीह गांव का रहने वाला था। 20 मार्च 2020 को गांव से दो किलोमीटर दूर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के समीप सीआरपीएफ द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इस क्रम में 34 वर्षीय रोशन होरो अपनी बाइक से वहां पहुंचा और कथित तौर पर सीआरपीएफ के जवानों द्वारा चलाई गई गोली से उसकी मौत हो गई थी।’’
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को निर्देश दिया कि रोशन होरो के परिजनों को राशन कार्ड, आवास योजना से अच्छादित करने और उसकी दो बच्चियों की पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
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