देश की खबरें | भूकंप प्रभावित तुर्किये में एक भारतीय लापता, 10 अन्य फंसे हुए हैं : विदेश मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विनाशकारी भूकंप से प्रभावित तुर्किये के दूर-दराज वाले इलाकों में एक भारतीय लापता है, जबकि 10 अन्य फंसे हुए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं। इस बीच, पश्चिम एशिया के इस देश में तलाश एवं राहत अभियान चलाने के लिये भारत ने विशेषज्ञों की टीम भेजी है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, आठ फरवरी विनाशकारी भूकंप से प्रभावित तुर्किये के दूर-दराज वाले इलाकों में एक भारतीय लापता है, जबकि 10 अन्य फंसे हुए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं। इस बीच, पश्चिम एशिया के इस देश में तलाश एवं राहत अभियान चलाने के लिये भारत ने विशेषज्ञों की टीम भेजी है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
तुर्किये और सीरिया में सोमवार को आये विनाशकारी भूकंप के बाद वहां के लोगों को सहायता मुहैया कराने के लिये भारत ने ‘ऑपरेशन दोस्त’ की शुरूआत की है। भूकंप में दोनों देशों में 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तुर्किये के भूकंप प्रभावित इलाके में एक भारतीय लापता है और 10 अन्य लोग दूर- दराज वाले इलाकों में फंसे हुये हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि तीन लोगों ने भारत सरकार से संपर्क किया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि तुर्किये में भारतीय नागरिक अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं।
वर्मा ने कहा, ‘‘हमने तुर्किये के अदन में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। प्रभावित इलाकों के दूर-दराज वाले इलाकों में 10 भारतीय फंसे हुये हैं, लेकिन वे सब सरक्षित हैं। हमें एक भारतीय नागरिक के लापता होने की जानकारी है जो वहां व्यवसायिक कार्यों के लिये गया था। पिछले दो दिनों से उसका कोई अता-पता नहीं है। हम उसके परिवार के सदस्यों और बेंगलुरु स्थित उस कंपनी के संपर्क में हैं, जहां वह काम करता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें लगभग 75 लोगों ने फोन किया, जिन्होंने वहां हमारे दूतावास से जानकारी और सहायता मांगी है।’’
एक अधिकारी ने बताया कि तुर्किये में करीब तीन हजार भारतीय रहते हैं जिनमें से करीब 1800 इस्तांबुल और उसके आस-पास के इलाकों में रहते हैं, जबकि 250 लोग अंकारा में रहते हैं और शेष पूरे देश में रहते हैं ।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ऑपरेशन दोस्त के तहत भारत तुर्किये और सीरिया में तलाश एवं राहत दल, एक फील्ड अस्पताल, सामग्री, दवाईयां एवं उपकरण भेज रहा है। यह एक सतत अभियान है और हम अद्यतन सूचना उपलब्ध कराते रहेंगे।’’
भारत मंगलवार को चार सैन्य परिवहन विमानों में तुर्किये को राहत सामग्री, एक चलित अस्पताल, विशेषज्ञ राहत एवं बचाव दल भेज चुका है।
भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान के जरिये भारत सीरिया में भी राहत सामग्री भेज चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि भारत तुर्की के लिये और सहायता भेज रहा है। वर्मा ने कहा कि तुर्किये ने सहायता के लिए भारत को संदेश भेजा था।
सीरिया पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद वहां सहायता भेजने के बारे में पूछे जाने पर, वर्मा ने कहा कि भारत जी 20 के ‘एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य’ के मंत्र का पालन कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की मानवीय सहायता प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आते हैं ।’’
जयशंकर ने ट्विटर पर भारत के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम की तुर्किये के गंजियातेप में तलाश अभियान शुरू करने की तस्वीरें साझा की।
संवाददाता सम्मेलन में एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवाल ने कहा कि बल और टीम को वहां भेजने के लिये तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तुर्किये को हर संभव सहायता देने के निर्देश के बाद भारत ने सोमवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के तलाश एवं बचाव दलों, चिकित्सा दलों और राहत सामग्री को तत्काल वहां भेजने का फैसला किया था।
अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देश भूकंप से बचे लोगों की खोज में मदद करने के लिए तुर्किये को राहत सामग्री तथा खोज और बचाव विशेषज्ञ भेज रहे हैं।
सीरिया को सहायता पर, विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह खेप बुधवार की सुबह दमिश्क हवाई अड्डे पर स्थानीय प्रशासन एवं वहां के पर्यावरण उप मंत्री मोताज दोउजी को सौंपी गई।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)