देश की खबरें | तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर न्यायालय ने कहा : कोलकाता जा कर जांच कर सकती है ईडी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा कि वे (एजेंसी के अधिकारी) कोलकाता जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर सकते हैं। इस मामले में ईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को समन जारी किया है।

नयी दिल्ली, 12 मई उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा कि वे (एजेंसी के अधिकारी) कोलकाता जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच कर सकते हैं। इस मामले में ईडी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को समन जारी किया है।

ईडी ने जिक्र किया कि अतीत में किस प्रकार सीबीआई अधिकारियों को कोलकाता में घेराव किया गया था और अभिषेक बनर्जी राजनीतिक रूप से "प्रभावशाली" व्यक्ति हैं। इस पर न्यायालय ने कहा कि वह कह सकता है कि कोलकाता पुलिस सभी सहयोग करेगी और एजेंसी 72 घंटे पहले मांग करेगी तो राज्य इसके लिए बाध्य होगा।

न्यायमूर्ति यू. यू. ललित की अध्यक्षता वाली पीठ अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में एक कथित कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने के अनुरोध वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वे मामले में जांच को नहीं रोक रहे हैं और ईडी कोलकाता आकर मामले में जांच कर सकता है।

पीठ ने ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस. वी. राजू से कहा, ‘‘मान लीजिए... आपको जो भी दस्तावेज, जो भी रिकॉर्ड चाहिए, हर पृष्ठ उपलब्ध कराया जाएगा और आप कोलकाता आ सकते हैं।" पीठ में न्यायमूर्ति एस. आर. भट्ट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया भी शामिल हैं।

राजू ने कहा, "आप जानते हैं... मुझे नहीं कहना चाहिए, ऐसे उदाहरण हैं जब सीबीआई अधिकारियों का भी घेराव किया गया था।"

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कहा कि ईडी का कोलकाता में क्षेत्रीय कार्यालय है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं (याचिकाकर्ता) जांच को रोक नहीं रहा हूं। मैं कह रहा हूं कि कृपया आएं और मेरी जांच करें। विषय जांच का नहीं है, स्थान का है। मैं कह रहा हूं कि कृपया आएं और मेरी जांच करें। मैं आपके सभी सवालों का जवाब दूंगा, आप कोलकाता आइए। वे कहते हैं नहीं, हम नहीं आएंगे, आप दिल्ली आइए।’’

पीठ ने एएसजी से कहा कि वह पश्चिम बंगाल सरकार को अदालत की ओर से यह अवगत कराये कि ईडी के अनुरोध पर, पुलिस बल मुहैया कराया जाए।

मामले में अगली सुनवाई 17 मई को होगी।

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