देश की खबरें | दीपावली पर गाय के गोबर से बने दीयों से घर होंगे रोशनः कथीरिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने गाय के गोबर से दीये और मूर्तियां बनाने की अनूठी पहल शुरू की है, जिससे दूध न देने वाली गायों के संरक्षण में भी मद्द मिलेगी तथा दीपावली के मौके पर लोग चीन से आयातित दीपों की जगह इन दीपकों से अपने घरों को जगमगा सकेंगे।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने गाय के गोबर से दीये और मूर्तियां बनाने की अनूठी पहल शुरू की है, जिससे दूध न देने वाली गायों के संरक्षण में भी मद्द मिलेगी तथा दीपावली के मौके पर लोग चीन से आयातित दीपों की जगह इन दीपकों से अपने घरों को जगमगा सकेंगे।

आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वल्लभ भाई कथीरिया ने बताया, "गुजरात में गाय के गोबर से बड़े पैमाने पर मशीनों व सांचों के जरिए दीपक, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, शुभ-लाभ सरीखे प्रतीक व चाभी के गुच्छे तैयार किए गए हैं, जिन्हें जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।"

यह भी पढ़े | Hathras Gangrape Case: पीड़िता के भाई ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के अधीन की जांच की मांग, कहा-हमें धमकाने वाले डीएम को किया जाए सस्पेंड.

उन्होंने कहा, " इससे गौरक्षा व गाय के कल्याण तथा विकास को बढ़ावा मिलेगा। अब तक हमारे देश में लोग दुधारू (दूध देने वाली) गाय के संरक्षण की बातें करते आए हैं। मगर इस कोशिश से दूध न देने वाली बूढ़ी व दूसरी तमाम गायों के गोबर का भी सदुपयोग किया जा सकता है। "

कथीरिया ने बताया, "विदेशों में लोगों ने गाय के गोबर से बने उत्पाद खरीदने में रुचि दिखाई है।"

यह भी पढ़े | Coronavirus Cases in Telangana: तेलंगाना में कोविड के 1,949 नए मामले सामने आए, राज्य में अब तक 27901 सक्रिय मामले.

उन्होंने बताया, "जहां यह कदम गायों की रक्षा करके उन्हें उपयोगी बनाने में मदद करेगा, वहीं वह बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराएगा। "

आयोग के अध्यक्ष ने यह भी कहा, "इसका धर्म या संगठन से कुछ लेना-देना नहीं है, बल्कि यह तो लोगों की आय बढ़ाने वाला एक अहम कदम है।"

दीपावली का त्योहार 14 नवंबर को मनाया जाना है।

केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में कामधेनु आयोग के गठन को मंजूरी दी थी और कथीरिया को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया था। यह आयोग पशु विकास के कार्यक्रमों को दिशा देने का काम करता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now