जरुरी जानकारी | लोकपाल ने सेबी प्रमुख बुच से हिंडनबर्ग के आरोपों पर ‘स्पष्टीकरण’ मांगा
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नयी दिल्ली, आठ नवंबर भ्रष्टाचार-रोधी निकाय लोकपाल ने अमेरिकी शोध एवं निवेश फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में उनसे ‘स्पष्टीकरण’ देने को कहा है। एक लोकसभा सांसद और दो अन्य लोगों ने बुच के खिलाफ इस बारे में शिकायत दर्ज कराई थी।
एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, लोकपाल ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) प्रमुख के खिलाफ आई शिकायतों पर शुक्रवार को उनसे स्पष्टीकरण मांगा। बुच से चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
हालांकि, लोकपाल ने यह स्पष्ट किया है कि उसका आदेश केवल ‘प्रक्रियागत निर्देश’ है और ‘इस मामले में किसी भी तरह से उसकी राय नहीं अभिव्यक्त करता है।’
लोकपाल का यह आदेश कहता है, ‘‘हम नामित प्रतिवादी लोक सेवक (आरपीएस) को संबंधित शिकायतकर्ता की तरफ से उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और संबंधित हलफनामे में विस्तार से बताए गए आरोपों के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाना उचित समझते हैं।’’
आदेश के मुताबिक, आरोपों की जांच के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनने के बारे में फैसला करने के पहले नामित आरपीएस को लोकपाल अधिनियम की धारा 20 की उपधारा (एक) के तीसरे प्रावधान के तहत स्पष्टीकरण का अवसर दिया जा रहा है।
आदेश में कहा गया है कि बुच दोहराव से बचने के लिए तीनों शिकायतों में शिकायत के हिसाब से अपना जवाब या स्पष्टीकरण पेश कर सकती हैं।
लोकपाल संस्था के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और पांच अन्य सदस्यों के इस आदेश पर हस्ताक्षर हैं। इसके सदस्यों में न्यायमूर्ति एल नारायण स्वामी, संजय यादव, रितु राज अवस्थी, सुशील चंद्रा और अजय तिर्की शामिल हैं।
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