एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | छत्रसाल स्टेडियम हत्या मामले में ओलंपिक पहलवान सुशील ने जमानत की मांग की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रूख कर छत्रसाल स्टेडियम हत्या मामले में जमानत दिये जाने का अनुरोध किया। कुमार ने अदालत में आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है और उनकी ‘‘दोषपूर्ण छवि’’ पेश की है।

देश की खबरें | छत्रसाल स्टेडियम हत्या मामले में ओलंपिक पहलवान सुशील ने जमानत की मांग की

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रूख कर छत्रसाल स्टेडियम हत्या मामले में जमानत दिये जाने का अनुरोध किया। कुमार ने अदालत में आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है और उनकी ‘‘दोषपूर्ण छवि’’ पेश की है।

कुमार ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिल कर पूर्व जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ और उनके दोस्तों पर कथित रूप से संपत्ति विवाद को लेकर स्टेडियम में इस साल मई में हमला किया था । बाद में धनखड़ ने दम तोड़ दिया ।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद मंगलवार को जमानत की अर्जी पर सुनवाई करेंगे ।

पीड़ित और शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुये अधिवक्ता नितिन वशिष्ठ ने कहा कि कुमार को जमानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिये क्योंकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना अभी बाकी है और कुमार के साथ मिल कर वे लोग गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं ।

जेल में पिछले दो जून से बंद अंतरराष्ट्रीय पहलवान ने अदालत से राहत दिये जाने का अनुरोध करते हुये यह कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके खिलाफ जो आरोप लगाये गये हैं इसका मकसद उन्हें अपमानित करना और उनकी छवि को धूमिल करना है।

एक याचिका में उन्होंने कहा कि एक उभरते पहलवान की ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण मौत’’ को सनसनीखेज बनाया गया और कुछ लोगों ने निहित स्वार्थों के कारण उसका इस्तेमाल उनके खिलाफ किया ।

ओलंपियन ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस ने उनकी ‘‘झूठी और गलत छवि’’ पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी । पुलिस ने उनके और कुख्यात बदमाश के बीच संपर्क दिखाने के लिये मीडिया को झूठी जानकारी दी ।

अधिवक्ता प्रदीप राणा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि चार्जशीट दाखिल करने के बाद जांच एजेंसी द्वारा किए गए सभी दावे असत्य हैं और हकीकत में उनका कोई आधार नहीं है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 04, 2021 06:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).