जरुरी जानकारी | तेल रिफाइनरियों की कार्य क्षमता में सुधार, वहीं रिलायंस ने तीसरे माह प्रसंस्करण में की कटौती
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल शोधन कंपनी इंडियन आयल की रिफाइनरियों ने मई माह के दौरान औसतन 77 प्रतिशत की परिचालन क्षमता के साथ काम किया। लॉकडाउन में छूट दिये जाने के बाद ईंधन की मांग बढ़ने से कार्य क्षमता में सुधार आया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
नयी दिल्ली, 23 जून सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल शोधन कंपनी इंडियन आयल की रिफाइनरियों ने मई माह के दौरान औसतन 77 प्रतिशत की परिचालन क्षमता के साथ काम किया। लॉकडाउन में छूट दिये जाने के बाद ईंधन की मांग बढ़ने से कार्य क्षमता में सुधार आया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान अप्रैल 2020 महने में इन रिफाइनरियों की परिचालन क्षमता घटकर 30 से 40 प्रतिशत रह गई थी। उस समय सड़कों पर वाहन नदारद थे। इसके बाद मई में इन रिफाइनरियों ने 1 करोड़ 63 लाख टन कच्चे तेल का शोधन किया। यह अप्रैल के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक था लेकिन एक साल पहले मई माह की तुलना में 24 प्रतिशत कम रहा।
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वहीं, दूसरी तरफ निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मई में लगातार तीसरे माह कच्चे तेल के प्रसंस्करण में कटौती की। कंपनी गुजरात के जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी चलाती है। जामनगर परिसर स्थित उसकी दो रिफाइनरियों ने मई में 91.72 प्रतिशत की औसत क्षमता से परिचालन किया जबकि अप्रैल में यह औसत 94.8 प्रतिशत और मार्च 2020 में 95.4 प्रतिशत रहा था।
रिलायंस की रिफाइनरियों ने मई में 53.12 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया। यह एक साल पहले इसी माह के मुकाबले 12.5 प्रतिशत कम रहा। वहीं अप्रैल में इस रिफाइनरी परिसर में 53.14 लाख टन का प्रसंस्करण किया गया।
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इंडियन आयल कार्पोरेशन की देशभर में स्थित नौ रिफाइनरियों ने मई माह के दौरान औसतन 72.8 प्रतिशत की औसत क्षमता से परिचालन किया। वहीं अप्रैल में उन्होंने 53.2 प्रतिशत की क्षमता से परिचालन किया।
इस दौरान देश में कच्चे तेल का उत्पादन मई माह के दौरान सात प्रतिशत घटकर 26 लाख टन रह गया हालांकि यह अप्रैल के 25.4 लाख टन से अधिक रहा। इस दौरान ओएनजीसी का उत्पादन 2.3 प्रतिशत घटकर 17.20 लाख टन रह गया। उद्योगों का उठाव घटने से इसमें कमी आई। लॉकडाउन के कारण उद्योग धंधे बंद थे।
इसी प्रकार प्राकृतिक गैस का उत्पादन भी मई माह में 16 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब घन मीटर रह गया। उद्योगों के बंद रहने से गैस की मांग में कमी आई। इसलिये ओएनजीसी जैसी कंपनियों को उत्पादन घटना पड़ा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2020 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

