देश की खबरें | केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धमकी देने का आरोपी अफसर पाशा दो बार नागपुर आया था: पुलिस

नागपुर, 17 जुलाई केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को फोन पर धमकी देने और रंगदारी मांगने के मामले में कथित रूप से शामिल अफसर पाशा दो बार नागपुर आया था और उसके ठहरने के विवरण का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पाशा को 2005 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस-बेंगलुरू में हुए आतंकवादी हमले से संबंधित मामले में दोषी पाए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। शनिवार को उसे धमकी-रंगदारी से संबंधित मामले में बेलगावी से नागपुर लाया गया था।

अधिकारी ने कहा कि पाशा 2003 से 2004 के बीच दो बार नागपुर आया था। इस अवधि के दौरान उसके प्रवास व गतिविधियों की जानकारी हासिल की जा रही है।

इस साल 14 जनवरी को गडकरी के नागपुर स्थित जनसंपर्क कार्यालय में फोन करके धमकी दी गई और 100 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। 21 मार्च को दोबारा कॉल आई और जांच के दौरान कर्नाटक की बेलगावी जेल में बंद जयेश पुजारी का नाम सामने आया।

पुजारी को 28 मार्च को नागपुर लाया गया और धनतोली थाने में उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दो मामले दर्ज किए गए।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान पुजारी और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त अफसर पाशा के बीच संबंध के बारे में पता चला। पाशा को 2012 में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने के मामले में भी दोषी पाया गया था।

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