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कोयला संकट से जूझ रहे ओडिशा के उद्योगों की मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के हस्तक्षेप की अपील

उद्योग संगठन उत्कल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लिमिटेड (यूसीसीआई) ने ओडिशा सरकार से राज्य स्थित उद्योगों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. यूसीसीआई का कहना है कि इन उद्योंगों को अपनी इकाइयों चलाने के लिए कोयले के भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है.

कोयला संकट से जूझ रहे ओडिशा के उद्योगों की मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के हस्तक्षेप की अपील
नवीन पटनायक(Photo Credits: Facebook)

भुवनेश्वर, 9 अक्टूबर: उद्योग संगठन उत्कल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री लिमिटेड (Utkal Chamber of Commerce and Industry Limited) (यूसीसीआई) ने ओडिशा सरकार से राज्य स्थित उद्योगों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. यूसीसीआई का कहना है कि इन उद्योंगों को अपनी इकाइयों चलाने के लिए कोयले के भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है.मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) को लिखे पत्र में यूसीसीआई ने शुक्रवार को कहा, "हम राज्य में मौजूदा कोयले के गंभीर संकट की स्थिति पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं. कई इकाइयों के पास इस ईंधन का भंडार नहीं है. "

पत्र में कहा गया है कि जहां छोटे और मझोले उद्योगों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं इस्पात संयंत्र, एल्युमीनियम स्मेल्टर और अन्य बड़े उद्योग एक ऐसे स्तर पर काम कर रहे हैं, जहां यही स्थिति जारी रही, तो उनका परिचालन लाभप्रद नहीं रह जायेगा.चूंकि राज्य के लघु और मझोले उद्योगों वाली ये इकाइयाँ लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं, इसलिए यूसीसीआई ने आशंका जताई कि कोयले की कमी की स्थिति इन लोगों का रोजगार प्रभावित हो सकता है.यह भी पढ़े: कोयला संकट से आने वाले दिनों में दिल्ली में हो सकती है बिजली की कटौती: टीपीडीडीएल प्रमुख

यूसीसीआई के अध्यक्ष ब्रह्म मिश्रा ने कहा कि हालांकि राज्य में प्रचुर मात्रा में कोयला भंडार है, लेकिन ओडिशा स्थित स्थानीय उद्योग कोयले की कमी का सामना कर रहे हैं और कोयला / बिजली आयात करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें कोयले का पर्याप्त हिस्सा नहीं मिल रहा है.राज्य में कोयला भंडार देश के जमा भंडार का लगभग 25 प्रतिशत है, और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) 15 करोड़ टन कोयले का उत्पादन करती है. ओडिशा स्थित बिजली संयंत्रों (16,000 मेगावॉट) को प्रतिवर्ष 9-9.5 करोड़ टन कोयले की आवश्यकता होती है, जो कि लागत दक्ष टिकाऊ उद्योग संचालन के लिए ओडिशा के कोयला उत्पादन का 60 प्रतिशत हिस्सा है.

यूसीसीआई ने कहा कि ओडिशा के 65 प्रतिशत से अधिक कोयले की आपूर्ति अन्य राज्यों में स्थित बिजली संयंत्रों को की जा रही है. इसलिए ओडिशा स्थित स्थानीय उद्योग कोयले की कमी का सामना कर रहे हैं और वे कोयला / बिजली आयात करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि उन्हें ओडिशा के कोयला उत्पादन का 45 प्रतिशत से कम हिस्सा मिल रहा है.यूसीसीआई ने राज्य सरकार से स्थानीय उद्योगों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए एमसीएल और सीआईएल को आवश्यक निर्देश देने के लिए कोयला मंत्रालय से बातचीत करने का अनुरोध किया है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 09, 2021 05:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).