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देश की खबरें | ओडिशा: उत्तरी जिलों में बाढ़ के खतरे के बीच निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज के जिला प्रशासन ने सुवर्णरेखा और बैतरणी नदी में बाढ़ से निपटने के लिए निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

देश की खबरें | ओडिशा: उत्तरी जिलों में बाढ़ के खतरे के बीच निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया

भुवनेश्वर, 21 अगस्त ओडिशा के बालासोर और मयूरभंज के जिला प्रशासन ने सुवर्णरेखा और बैतरणी नदी में बाढ़ से निपटने के लिए निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि राज्य पहले से ही लगातार बारिश के कारण महानदी में बाढ़ के प्रभाव से जूझ रहा है, जिससे सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से लगभग पांच लाख अब भी 763 गांवों में फंसे हुए हैं।

इस बीच, संबलपुर जिले के कुचिंडा इलाके में कम से कम दो शव निकाले जाने के साथ बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई। इससे पहले शुक्रवार की रात दीवार गिरने से दो लड़कियों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी।

अधिकारियों ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव क्षेत्र के कारण हुई भारी बारिश और बाद में झारखंड से गलुडीह बैराज से बाढ़ का पानी छोड़े जाने के कारण उत्तरी ओडिशा में सभी नदियां उफान पर हैं।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी. के. जेना ने बालासोर और मयूरभंज के जिलाधिकारियों को एक संदेश में कहा, ‘‘निचले इलाकों से लोगों को निकालने में पंचायती राज व्यवस्था के पदाधिकारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और संबंधित अन्य लोगों को शामिल करें।’’

उन्होंने कहा कि झारखंड में गलुडीह बैराज के अधिकारियों ने 16 फाटकों के माध्यम से लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है, जिससे सुवर्णरेखा नदी में जल स्तर बढ़ गया है।

जेना ने कहा कि शुक्रवार के गहरे दबाव के कारण पड़ोसी राज्य में भी बहुत अधिक वर्षा हुई है। बालासोर के जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने कहा, ‘‘जलका और बुधबलंग नदी में बाढ़ आ गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।’’ जेना ने कहा कि बैतरणी नदी में मध्यम बाढ़ की आशंका है।

एसआरसी ने कहा कि बालासोर और मयूरभंज जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) और दमकल सेवा के कर्मियों की 50 से अधिक छोटी बचाव टीमों को तैनात किया गया है, जबकि भद्रक और जाजपुर में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता बी. के. मिश्रा ने कहा कि महानदी डेल्टा में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है।

अपने हालिया बुलेटिन में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि गहरा दबाव अब कमजोर होकर उत्तर पश्चिमी छत्तीसगढ़ और इससे सटे पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणपूर्व उत्तर प्रदेश में कम दबाव में बदल गया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2022 02:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).