एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | ओडिशा बाढ़: नदियों का जल स्तर गिरा, पर 6.4 लाख लोग अब भी प्रभावित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में हाल के दिनों में बाढ़ का कारण बनी अधिकतर नदियों का जल स्तर मंगलवार को खतरे के निशान से नीचे दर्ज किया गया, लेकिन राज्य के 902 गांवों के 6.4 लाख लोग अब भी बाढ़ के पानी के कारण फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

देश की खबरें | ओडिशा बाढ़: नदियों का जल स्तर गिरा, पर 6.4 लाख लोग अब भी प्रभावित

भुवनेश्वर, 23 अगस्त ओडिशा में हाल के दिनों में बाढ़ का कारण बनी अधिकतर नदियों का जल स्तर मंगलवार को खतरे के निशान से नीचे दर्ज किया गया, लेकिन राज्य के 902 गांवों के 6.4 लाख लोग अब भी बाढ़ के पानी के कारण फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता बी के मिश्रा ने कहा कि उत्तरी ओडिशा में सुवर्णरेखा और पूर्व में महानदी समेत अधिकतर नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बाढ़ की उच्चतम स्थिति अब नहीं है, लेकिन कई गांव जलमग्न हैं।’’

हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार और बुधवार को बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन जिलों के कई गांवों में बाढ़ का पानी अब भी कहर बरपा रहा है। प्रशासन ताजा बारिश का सामना करने के लिए कदम उठा रहा है।’’

अधिकारी ने बताया कि भले ही सुवर्णरेखा के तटबंध में कोई दरार नहीं आई है, लेकिन महानदी और उसकी सहायक नदियों के तटबंध सात स्थानों पर टूट गए हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग अब तत्काल तटबंधों की अस्थायी मरम्मत करेगा और बाढ़ का पानी पूरी तरह से घटने के बाद स्थायी मरम्मत शुरू करेगा।

मिश्रा ने कहा कि महानदी में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हीराकुंड बांध में सुबह नौ बजे जल स्तर 623.35 फुट था। 1.59 लाख क्यूसेक पानी जलाशय में प्रवेश कर रहा था, वहीं चार फाटकों के माध्यम से 1.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।’’

हालांकि, बालासोर प्रखंड में बाढ़ का कारण बनने वाली जलाका नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। मथानी में यह 6.45 मीटर पर बह रही थी, जबकि खतरे का स्तर 5.5 मीटर है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2022 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).