ओडिशा के CM मोहन चरण माझी ने धान किसानों को 800 रुपये की लागत सहायता का वितरण शुरू किया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को राज्य के किसानों के लिए धान के 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा 800 रुपये की अतिरिक्त लागत सहायता का वितरण आरंभ किया.
भुवनेश्वर, 8 दिसंबर : ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को राज्य के किसानों के लिए धान के 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा 800 रुपये की अतिरिक्त लागत सहायता का वितरण आरंभ किया. राज्य सरकार ने रविवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 16,000 से अधिक किसानों को 66 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत सहायता का भुगतान किया. बारगढ़ जिले के सोहेला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए माझी ने कहा, ‘‘आज का दिन ओडिशा के लिए ऐतिहासिक होगा. किसानों के लिए यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि सरकार ने उनके धान का सही मूल्य दिलाने के लिए उन तक पहुंच बनाई है.’’
उन्होंने कहा कि किसानों को सम्मान देने के लिए सरकार ने राज्य के किसानों को प्रति क्विंटल धान के 2,300 रुपये के एमएसपी के अलावा 800 रुपये की अतिरिक्त लागत सहायता देना शुरू किया है. उन्होंने कहा, ‘‘किसानों के लिए इस पहल की शुरुआत करके मुझे बहुत खुशी हो रही है.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अतिरिक्त सब्सिडी के वितरण को शुरू करने के लिए सोहेला को चुना है क्योंकि इस क्षेत्र को किसानों का केंद्र माना जाता है. माझी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 2016 में किसानों को 100 रुपये का बोनस देने का झूठा वादा किया था. यह भी पढ़ें : Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भोजन विषाक्तता से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत
उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार बिचौलियों के माध्यम से किसानों का शोषण कर रही थी. उसने धान किसानों को 100 रुपये का बोनस देने का वादा किया था, लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया. झूठे वादे का करारा जवाब देने के लिए मैं आज यहां सहायता वितरित करने आया हूं.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा किया था. आज यह वादा पूरा हो गया.’’ माझी ने कहा कि शपथ लेने के एक घंटे के भीतर ही उन्होंने मंत्रिमंडल की पहली बैठक बुलाई और धान किसानों को 800 रुपये प्रति क्विंटल सहायता राशि देने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार अपने 24 साल के शासन में जो काम करने में विफल रही, उसे भाजपा सरकार ने छह महीने के भीतर लागू कर दिया. माझी ने कहा कि खरीफ सीजन के लिए धान की खरीद 20 नवंबर को शुरू हुई और अब तक 21,500 से अधिक किसानों ने सरकार को अपना धान बेचा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीफ सीजन के दौरान किसानों से धान खरीदकर न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीद सुचारू रूप से हो, इसके लिए अलग-अलग जिलों की देखरेख के लिए मंत्रियों को नियुक्त किया गया है. धान खरीद प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखने के लिए प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. किसी भी शिकायत के मामले में किसान सीधे 1967 हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह, सीमावर्ती जिलों में एक कार्यबल का गठन किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य के बाहर से धान लेकर आने वाले ट्रक ओडिशा में प्रवेश न करें. उपमुख्यमंत्री के वी सिंह देव ने कहा, ‘‘हमारी सरकार बातों में नहीं, काम में विश्वास रखती है. चुनाव से पहले हमने किसानों से जो वादा किया था, वह आज पूरा हो गया है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 08, 2024 05:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

