देश की खबरें | ओडिशा: 95 प्रतिशत झुलसी छात्रा मौत से जूझ रही, मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि सरकार बालासोर स्थित कॉलेज परिसर में कथित यौन उत्पीड़न के बाद खुद को आग लगाने वाली 20 वर्षीय छात्रा के लिए ‘‘बेहतर इलाज’’ सुनिश्चित कर रही है।
भुवनेश्वर, 13 जुलाई ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि सरकार बालासोर स्थित कॉलेज परिसर में कथित यौन उत्पीड़न के बाद खुद को आग लगाने वाली 20 वर्षीय छात्रा के लिए ‘‘बेहतर इलाज’’ सुनिश्चित कर रही है।
स्थानीय एम्स में भर्ती छात्रा 95 प्रतिशत तक झुलस जाने के कारण वेंटिलेटर पर है और अस्पताल प्रशासन ने उसकी हालत को ‘‘बेहद गंभीर’’ बताया है।
माझी रविवार को हवाई अड्डे पर पहुंचते ही एम्स भुवनेश्वर पहुंचे और डॉक्टरों तथा पीड़िता के परिवार के सदस्यों से बात की। माझी दिल्ली के दौरे पर गये थे।
भुवनेश्वर स्थित एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘पीड़िता के शरीर का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया है। उसके गुर्दे और फेफड़े भी प्रभावित हुए हैं। वह वर्तमान में आईसीयू में है।”
बिस्वास ने बताया कि कई विभागों के चिकित्सक छात्रा के इलाज में लगे हुए हैं।
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि सुधार के कोई संकेत नहीं हैं।
अस्पताल ने एनेस्थीसिया, ‘पल्मोनरी मेडिसिन’, ‘बर्न एंड प्लास्टिक’, ‘नेफ्रोलॉजी’ और अन्य विभागों के चिकित्सकों की आठ-सदस्यीय एक विशेषज्ञ समिति गठित की है।
समिति को आवश्यकतानुसार, किसी भी अतिरिक्त विशेषज्ञ को शामिल करने का अधिकार है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए रविवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने ओडिशा के डीजीपी से ‘‘निष्पक्ष और समयबद्ध’’ तरीके से जांच सुनिश्चित करने को कहा है।
ओडिशा की दो मुख्य विपक्षी पार्टियां बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने माझी तथा राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज के आवास के निकट प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की।
इस बीच, तीन-सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज पहुंची, जहां छात्रा ने खुद को आग लगा ली थी।
समिति में उच्च शिक्षा निदेशक काली प्रसन्ना महापात्रा, आईएएस अधिकारी, विभाग की संयुक्त सचिव मौसमी नायक और स्वायत्त महाविद्यालय की प्रोफेसर झुमकी रथ शामिल हैं।
बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज में एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार को एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी।
समिति को आत्मदाह के कारणों का पता लगाने, शिक्षा विभाग प्रमुख समीर कुमार साहू के खिलाफ उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने का काम सौंपा गया है।
इस बीच, राज्य सरकार ने कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष को निलंबित कर दिया है और साहू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
अस्पताल से बाहर आने के बाद, माझी ने कहा, ‘‘छात्रा की हालत गंभीर है। उसे दिल्ली स्थित एम्स जैसा ही इलाज दिया जा रहा है। उसके इलाज के लिए एक मेडिकल टीम गठित की गई है। छात्रा की हालत स्थिर होने के बाद सरकार उसे एयरलिफ्ट करने पर विचार करेगी।’’
माझी ने कहा, ‘‘उच्च शिक्षा विभाग समिति की रिपोर्ट उपलब्ध होते ही हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम उठाएगी।
माझी ने अस्पताल में पीड़ित छात्रा के माता-पिता और परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की।
इससे पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की।
बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "ओडिशा के एक प्रमुख विश्वविद्यालय के अंदर एक युवा छात्रा द्वारा आत्मदाह करने की कोशिश बेहद दुखद है। मैं भगवान जगन्नाथ से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’
इस बीच, कई मंत्री और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भुवनेश्वर स्थित एम्स पहुंचे और छात्रा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2025 08:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

