जरुरी जानकारी | एनएसई सोना वायदा अनुबंध के निपटान में घरेलू रिफाइनरियों की सोने की छड़ों को स्वीकार करेगा

नयी दिल्ली, 10 जुलाई प्रमुख शेयर बाजार एनएसई ने शुक्रवार को कहा कि वह अपने मंच पर सोना वायदा अनुबंधों के निपटान के लिए घरेलू रिफाइनरियों द्वारा तैयार सोने की छड़ों को स्वीकार करेगा।

एनएसई ने बीआईएस - मानक सोने के लिए एनएसई रिफाइनर स्टैंडर्ड (एनआरएस) की शुरुआत की है, जो शुक्रवार, 10 जुलाई 2020 से प्रभावी है।

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शेयर बाजार ने एक बयान में कहा, ‘‘बीआईएस - मानक सोने के लिए एनएसई रिफाइनर स्टैंडर्ड के तहत एनएसई मंचों पर सोना वायदा सौदों के निपटान के लिए भारत में घरेलू रिफाइनरियों द्वारा तैयार सोने की छड़ों को लिया जा सकेगा।’’

इससे पहले गुरुवार तक एनएसई सोना वायदा सौदों के निपटान के लिए सिर्फ लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (एलबीएमए) द्वारा मंजूरी प्राप्त रिफाइनर के सोने को ही स्वीकार करता था।

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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने कहा कि बीआईएस - मानक सोने के लिए एनआरएस की शुरुआत से घरेलू बाजार के प्रतिभागियों को बढ़ावा मिलेगा और उसके मंच पर स्वीकार्य जिंसों के दायरे में बढ़ोतरी होगी।

इस फैसले से डिलिवरी की मौजूदा सूची में बढ़ोतरी होगी और इन धातुओं की डिलिवरी की मात्रा को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एनएसई के मुख्य कारोबार विकास अधिकारी रवि वाराणसी ने कहा कि एनआरएस की शुरुआत का एक मकसद भारतीय रिफाइनर्स को उचित मौका देना भी है, जो बीआईएस के मानकों का पालन करते हैं और एक्सचेंज के निपटान मसौदे का हिस्सा है।

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