देश की खबरें | अब पुनर्वास के प्रश्न पर गौर करना होगा: रैन बसेरे के ध्वस्तीकरण के बाद न्यायालय ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के सराय काले खां में एक रैन बसेरे को प्राधिकारियों द्वारा बुधवार को ध्वस्त किए जाने के संबंध में सूचित किए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसे अब पुनर्वास के प्रश्न पर विचार करना होगा।

नयी दिल्ली, 15 फरवरी दिल्ली के सराय काले खां में एक रैन बसेरे को प्राधिकारियों द्वारा बुधवार को ध्वस्त किए जाने के संबंध में सूचित किए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसे अब पुनर्वास के प्रश्न पर विचार करना होगा।

वकील प्रशांत भूषण ने न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और कहा कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन प्राधिकारियों ने इसे पूर्वाह्न 10 बजे ही आरंभ कर दिया और रैन बसेरे को ध्वस्त कर दिया गया है।

भूषण ने बताया कि 50 से अधिक लोग इस रैन बसेरे का लाभ उठा रहे थे।

जब भूषण ने कहा कि ध्वस्तीकरण हो चुका है, तो पीठ ने कहा, ‘‘इस चरण पर कुछ भी किया नहीं जा सकता। यदि इसे ध्वस्त किया जा चुका है, तो हमें अब पुनर्वास के प्रश्न पर विचार करना होगा।’’

शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘तत्काल सुनवाई की जरूरत का तत्व अब नहीं है।’’

भूषण ने शुरुआत में तत्काल सुनवाई के लिए इस मामले का जिक्र प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के सामने किया था।

उन्होंने पीठ से कहा कि बेघर लोगों से जुड़े मामले की सुनवाई शुरुआत में न्यायमूर्ति एस आर भट्ट और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ कर रही थी। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायूर्ति भट्ट आज उपलब्ध नहीं है और उन्हें न्यायमूर्ति दत्ता की एक पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करने की अनुमति दे दी।

भूषण न्यायमूर्ति रॉय की अगुवाई वाली पीठ के पास पहुंचे जो उसके सामने सूचीबद्ध किसी अन्य मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले की सुनवाई होने के बाद भूषण ने रैन बसेरे को ध्वस्त किए जाने के मामले का जिक्र किया और कहा कि प्राधिकारी वहां बुलडोजर के साथ पहुंचे हैं।

भूषण ने शीर्ष अदालत से कहा, ‘‘वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए बिना एक रैन बसेरे को गिराया जा रहा है। उन्होंने (प्राधिकारियों ने) ध्वस्त करने की प्रक्रिया समय से पहले ही शुरू कर दी। यह पूर्वाह्न 10.30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन यह पूर्वाह्न 10 बजे ही शुरू कर दी गई।’’

पीठ ने उनसे मामले की सुनवाई के लिए दूसरे पक्ष के वकील को बुलाने के लिए कहा। इस बीच भूषण ने बताया कि उन्हें पता चला है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया हो चुकी है।

उन्होंने पीठ से कहा कि बेघर लोगों से संबंधित मामले पर 22 फरवरी को सुनवाई होनी है और सराय काले खां में रैन बसेरा गिराने से संबंधित मामले पर उसी दिन सुनवाई की जाए।

पीठ ने कहा, ‘‘हम इस पर उसी दिन सुनवाई सुनवाई कर सकते हैं।’’

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