देश की खबरें | ‘ब्रॉड गेज’ लाइन निर्माण को लेकर रेलवे अधिकारियों को नोटिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम में लुमडिंग से सिल्चर तक ‘ ब्रॉड गेज’ लाइन (बड़ी लाइन) का निर्माण करते समय कथित रूप से सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं करने पर रेलवे अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

गुवाहाटी/सिल्चर, नौ जून गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम में लुमडिंग से सिल्चर तक ‘ ब्रॉड गेज’ लाइन (बड़ी लाइन) का निर्माण करते समय कथित रूप से सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं करने पर रेलवे अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

ऑल बराक यूथ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) एन कोटिस्वर सिंह और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने प्रतिवादियों रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को नोटिसों का जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया।

याचिका में कहा गया है कि बराक घाटी, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर को जोड़ने के लिए ‘मीटर-गेज’ (छोटी लाइन) को ‘ब्रॉड-गेज’ में बदलने के काम को 1996-97 में स्वीकृति मिली और 2004 में इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया।

‘ब्रॉड-गेज’ पटरियों पर 21 नवंबर 2015 से यात्री ट्रेन सेवाएं शुरू हुईं।

जनहित याचिका में दावा किया गया है कि ऑडिट के प्रधान निदेशक ने अपनी थीम आधारित ऑडिट रिपोर्ट में इस कार्य के दौरान रेलवे अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि निर्माण पर्याप्त भू-तकनीकी जांच के बिना शुरू किया गया है।

जनहित याचिका में यह भी कहा गया है कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने भी अपनी रिपोर्ट में कई बड़ी खामियों की ओर संकेत दिया था।

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