देश की खबरें | बिना पंजीकरण संचालित एक दर्जन से ज्यादा मदरसों को नोटिस: जमीयत ने बताया गैरकानूनी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जिले में बिना 'उचित पंजीकरण' के संचालित एक दर्जन से अधिक मदरसों को नोटिस जारी कर दस्तावेज दिखाने को कहा गया है।
मुजफ्फरनगर (उप्र), 24 अक्टूबर जिले में बिना 'उचित पंजीकरण' के संचालित एक दर्जन से अधिक मदरसों को नोटिस जारी कर दस्तावेज दिखाने को कहा गया है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने मदरसों को नोटिस जारी किए जाने को गैरकानूनी करार देते हुए इसका विरोध किया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अगर ऐसे मदरसे खुले पाए गए तो इन पर प्रतिदिन 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 25,000 मदरसे हैं। इनमें 16,000 से अधिक मान्यता प्राप्त और 8,000 से ज्यादा गैर-मान्यता प्राप्त हैं।
जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने कहा कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के दफ्तर ने उनके कार्यालय को सूचित किया है कि जिले में संचालित 100 से अधिक मदरसों के पास पंजीकरण या मान्यता नहीं है और वे मानदंडों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मामले में एक दर्जन से अधिक मदरसों को नोटिस भेजा गया है जिसमें नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया है और ऐसा न होने पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर मदरसे बिना मान्यता के संचालित पाए गए तो उन पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने मदरसों को नोटिस जारी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे गैरकानूनी करार दिया है।
संगठन की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव मौलाना जाकिर हुसैन ने कहा कि एक खास समुदाय को निशाना बनाकर मदरसों को अवैध नोटिस जारी कर परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मदरसे छात्रों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं और वे प्रतिदिन 10,000 रुपये का जुर्माना नहीं भर सकेंगे।
प्रदेश के करीब चार हजार मदरसे अपने विदेशी वित्तपोषण को लेकर सरकार की नजर में हैं। राज्य सरकार ने 4,000 मदरसों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इनमें से ज्यादातर मदरसे नेपाल की सीमा पर स्थित हैं और उन्हें कथित तौर पर दूसरे देशों से धन मिल रहा है।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि एसआईटी इस बात की जांच करेगी कि कहीं इन मदरसों को प्राप्त धन का इस्तेमाल आतंकवाद या जबरन धर्म परिवर्तन जैसी किसी अवैध गतिविधि में तो नहीं किया गया।
सं सलीम
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