कोविड-19 की वजह से रद्द हुए हवाई टिकटों के धन वापसी मामले में केन्द्र ओर उड्डयन महानिदेशालय को नोटिस
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने गैर सरकारी संगठन प्रवासी लीगल सेल की याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के बाद ये नोटिस जारी किये।
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से लॉकडाउन के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के कारण विमान यात्रियों के टिकटों का पूरा पैसा वापस करने के लिये दायर याचिका पर सोमवार को केन्द्र और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को नोटिस जारी किये।
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने गैर सरकारी संगठन प्रवासी लीगल सेल की याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के बाद ये नोटिस जारी किये।
इस याचिका में विमान कंपनियों द्वारा हवाई जहाज के टिकट का पूरा पैसा नहीं लौटाने की कार्रवाई को नागरिक उड्डयन अनिवार्यताओं का उल्लंघन घोषित करने का अनुरोध किया है।
याचिका में कहा गया है कि विमान कंपनियां रद्द हुये टिकट का पूरा पैसा वापस करने की जगह एक साल की वैधता वाला क्रेडिट दे रही हैं जो मई, 2008 की नागरिक उड्डयन जरूरतों के खिलाफ है। इसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा था कि टिकट रद्द होने की स्थिति में वापस मिलने वाला धन क्रेडिट शेल के रूप में रखना यात्री का विशेषाधिकार होगा ।
याचिका में इससे पहले की व्यवस्था का जिक्र करते हुये कहा गया है कि टिकट के लिये क्रेडिट कार्ड से भुगतान की स्थिति में एयर लाइंस कार्यालय द्वारा धन की वापसी टिकट रद्द करने की तारीख से सात दिन के भीतर और टिकट का भुगतान नकद किये जाने पर इसके रद्द होने पर धन तत्काल वापस करने का प्रावधान रहा है।
याचिका में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के 16 अप्रैल के कार्यालय परिपत्र का भी हवाला दिया गया है, जिसमें टिकट रद्द होने की स्थिति में बगैर किसी शुल्क की कटौती के पूरी रकम वापस करने की बात कही गयी है।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 10:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

