देश की खबरें | आयकर आकलन हस्तांतरण के खिलाफ गांधी परिवार की याचिकाओं पर आयकर विभाग को नोटिस जारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा की याचिकाओं पर आयकर विभाग से जवाब मांगा। हथियार कारोबारी संजय भंडारी के समूह के समान मानते हुए उनके आयकर आकलन को दूसरे खंड में स्थानांतरित करने के आदेश को इन याचिकाओं में चुनौती दी गयी है।
नयी दिल्ली, 26 मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा की याचिकाओं पर आयकर विभाग से जवाब मांगा। हथियार कारोबारी संजय भंडारी के समूह के समान मानते हुए उनके आयकर आकलन को दूसरे खंड में स्थानांतरित करने के आदेश को इन याचिकाओं में चुनौती दी गयी है।
उन्होंने अपने मामलों को सेंट्रल सर्कल में स्थानांतरित करने का विरोध करते हुए कहा कि उनका संजय भंडारी समूह के मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।
गांधी परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने कहा कि सेंट्रल सर्किल तलाशी और छापे के मामलों से संबंधित है और इनमें से किसी की तलाशी नहीं ली गयी है।
दातार ने कहा, इसलिए उन्हें सेंट्रल सर्किल में भेजने का कोई मतलब नहीं है और ऐसा करने का कोई कारण भी नहीं बताया गया है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने आयकर विभाग को नोटिस जारी किया और तीन याचिकाओं पर जवाबी हलफनामा दायर करने को कहा। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए छह अप्रैल की तारीख तय की है। उसी दिन इसी तरह के कई मामलों का एक बैच पहले से सूचीबद्ध है।
धनशोधन के आरोपों में भारत में वांछित भंडारी के कथित तौर पर संबंध लंदन स्थित एक फ्लैट को लेकर प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाद्रा से बताए गए हैं। हालांकि, राबर्ट वाद्रा ने आरोपियों के साथ किसी भी तरह के कारोबारी संबंध होने से इनकार किया है।
गांधी परिवार ने वर्ष 2018-19 के आकलन के लिए अपने मामलों को सेंट्रल सर्कल में स्थानांतरित करने के लिए आयकर प्रमुख आयुक्त द्वारा जारी आदेश को चुनौती दी है।
दातार ने कहा कि उनके मामलों को सेंट्रल सर्कल में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था क्योंकि उनके संबंध में किसी भी तलाशी या जब्ती का कोई सवाल ही नहीं था।
उन्होंने कहा कि जब एक मामला एक सामान्य सर्कल से सेंट्रल सर्कल में स्थानांतरित किया गया तो आयकर अधिकारी को इसके कारण का उल्लेख करना अनिवार्य था। इसके साथ ही उन्होंने गांधी परिवार के पक्ष में अंतरिम आदेश का अनुरोध किया।
आयकर विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह किसी भी अंतरिम राहत का विरोध करते हैं क्योंकि अभी कोई आकलन लंबित नहीं है और यह मामला संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, राजीव गांधी फाउंडेशन, यंग इंडियन और अन्य संस्थाओं द्वारा दायर पहले के मामलों से अलग है।
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