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देश की खबरें | गहलोत के करीबी नेताओं को डेढ महीने पहले दिया गया नोटिस, अगले कदम का इंतजार

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देश की खबरें | गहलोत के करीबी नेताओं को डेढ महीने पहले दिया गया नोटिस, अगले कदम का इंतजार

नयी दिल्ली, सात नवंबर कांग्रेस की राजस्थान इकाई से जुड़े संकट के संदर्भ मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीब माने जाने वाले तीन नेताओं को नोटिस कारण बताओ नोटिस जारी किए हुए करीब डेढ़ महीने का समय हो चुका है, लेकिन पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।

अनुशासनात्मक समिति के सदस्य सचिव तारिक अनवर का कहना है कि समिति कांग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश का इंतजार कर रही है।

जयपुर में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक के समानांतर अलग बैठक बुलाए जाने के प्रकरण को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने 27 सितंबर को शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तीनों नेताओं ने इसका जवाब भी दे दिया है।

इस मामले में आगे की कार्रवाई में विलंब के बारे में पूछे जाने पर तारिक अनवर ने कहा कि इस पर अध्यक्ष को आदेश देना है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम लोग अध्यक्ष के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।’’

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पिछले दिनों इस मामले में गहलोत के करीबी माने जाने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया था।

पायलट के इस बयान को कांग्रेस की राजस्थान इकाई में गहलोत एवं पायलट 'खेमों' के बीच खींचतान को फिर से शुरू होने का संकेत माना जा रहा है। यह खींचतान पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के चलते कई दिनों से थमी हुई थी।

उल्लेखनीय है कि 25 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाई गई थी। इसे कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव से पहले मुख्यमंत्री को बदलने की कवायद के रूप में देखा गया क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था।

हालांकि, सीएलपी की बैठक नहीं हो सकी क्योंकि गहलोत के वफादार विधायकों ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर समानांतर बैठक की और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी संभावित कदम के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

इन विधायकों का कहना था कि अगर विधायक दल का नया नेता चुनना है तो वह उन 102 विधायकों में से हो जिन्होंने जुलाई 2020 में राजनीतिक संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था। तब पायलट और 18 अन्य विधायकों ने गहलोत के खिलाफ बगावत की थी।

इसके बाद कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी तथा पार्टी के नेता धर्मेंद्र राठौड़ को उनकी इस ‘‘घोर अनुशासनहीनता’’ के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनसे 10 दिन के भीतर यह बताने के लिए कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 07, 2022 07:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).