देश की खबरें | सबरीमला में कुछ भी असमान्य नहीं हुआ है: केरल के मुख्यमंत्री विजयन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सबरीमला में बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा उपायों में कमी की शिकायतों के बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को कहा कि इस बार भगवान अयप्पा के मंदिर में कुछ भी असमान्य नहीं हुआ है और अधिकारियों से नये इंतजाम के बारे में लोगों को जानकारी देने को कहा।
इडुक्की (केरल), 12 दिसंबर सबरीमला में बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा उपायों में कमी की शिकायतों के बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को कहा कि इस बार भगवान अयप्पा के मंदिर में कुछ भी असमान्य नहीं हुआ है और अधिकारियों से नये इंतजाम के बारे में लोगों को जानकारी देने को कहा।
विजयन ने संबद्ध अधिकारियों को भारी भीड़ का प्रबंधन करने के लिए एक समन्वित प्रणाली सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं मुहैया करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अयप्पा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की कथित कमी का मुद्दा उठाते हुए संसद के बाहर प्रदर्शन करने वाले यूडीएफ सांसदों की भी आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस तरीके से इंतजाम किया जाए कि यह श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी हो।
उन्होंने थेक्कड़ी में एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान यह कहा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में उन्हें उद्धृत करते हुए कहा गया है, ‘‘औसतन 62,000 श्रद्धालुओं ने मंडाला पूजा के प्रथम 19 दिनों के दौरान रोजाना मंदिर की यात्रा की।’’
उन्होंने कहा कि छह दिसंबर से, चार दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 88,000 पहुंच गई है जिससे भीड़ बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान करने के लिए दर्शन का समय एक घंटे बढ़ा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सबरीमला में कुछ भी असमान्य नहीं हुआ है। लोगों को वहां किये गये इंतजामों और सुविधाओं के बारे में सूचित करना जरूरी है।’’
विजयन ने कहा कि सबरीमला के बारे में झूठी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए।
इस बीच, विपक्षी कांग्रेस ने सबरीमाला मुद्दे पर वाम सरकार की आलोचना की और उसपर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने कहा कि सबरीमाला तीर्थयात्रा में अभूतपूर्व घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पड़ोसी राज्यों के कई श्रद्धालु भारी भीड़ के कारण अपनी तीर्थयात्रा पंडालम में अचानक ही समाप्त कर रहे हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि श्रद्धालुओं को 20 घंटे से अधिक समय तक कतार में खड़े रहने को मजबूर होना पड़ रहा।
इस बीच, इस मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरूवनंतपुरम में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड मुख्यालय तक एक विरोध मार्च भी निकाला।
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