नयी दिल्ली, नौ फरवरी कांग्रेस ने सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था की स्थिति पर लाए गए ‘श्वेतपत्र’ को ‘काला ब्रस’ और ‘राजनीतिक घोषणापत्र’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मंशा से लाया गया है।
लोकसभा में इस ‘श्वेतपत्र’ पर नियम 342 के तहत चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के 10 साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से हर मानक में बेहतर हैं तथा मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक बुनियाद को मजबूत किया था।
उन्होंने सूचना का अधिकार कानून, शिक्षा का अधिकार कानून, खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा जैसी संप्रग सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और तंज कसते हुए कहा कि अगर मौजूदा सरकार नोटबंदी को अपनी उपलब्धि बताना चाहती है तो वह इसे उसके विवेक पर छोड़ते हैं।
तिवारी ने दावा किया, ‘‘यह ‘श्वेतपत्र’ नहीं, यहा ‘काला ब्रस’ है। वित्त मंत्री जी का आक्रोश इसे पूरी तरह से प्रमाणित करता है।’’
उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास 2014 में शुरू नहीं हुआ था, यह बहुत पुराना है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना था कि अगर संप्रग सरकार के समय की आर्थिक स्थिति पर ‘श्वेत पत्र’ लाना था तो इसे जुलाई, 2014 में लाया जा सकता था, लेकिन इसे फरवरी, 2024 में लाया गया क्योंकि इसके पीछे राजनीतिक मंशा है।
तिवारी ने आरोप लगाया, ‘‘यह श्वेतपत्र नहीं, राजनीतिक घोषणापत्र है।’’
मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग-2 सरकार में मंत्री रहे तिवारी ने कहा, ‘‘हमने ऐसे मूलभूत सुधार किए जिससे देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक नींव मजबूत हुई।’’
उनके मुताबिक, संप्रग सरकार ने सूचना का अधिकार दिया जिसकी बदौलत कोई भी 10 रुपये की अर्जी देकर ब्लॉक से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी सरकार से सूचना मांग सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार ने सूचना के अधिकार कानून के परखच्चे उड़ा दिए।
तिवारी ने कहा, ‘‘हमारी दूसरी बड़ी उपलब्धि मनरेगा का कानून है। हमने सुनिश्चित किया कि लोगों को 100 दिनों तक काम मिले। आपने 10 साल में 100 दिन को बढ़ाकर 101 दिन क्यों नहीं किया?’’
उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार कानून दिया गया। इसके तहत देश में जिस बच्चे को मुफ्त शिक्षा चाहिए, उसे निशुल्क शिक्षा दी जाती है।’’
तिवारी ने कहा कि संप्रग सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गरीबों को अनाज मुहैया कराना सुनिश्चित किया।
उनके अनुसार, संप्रग सरकार के समय ‘आधार’ की व्यवस्था शुरू हुई और 2014 में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के आधार कार्ड बन चुके थे।
तिवारी ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘अगर आप नोटबंदी को उपलब्धि मानते हैं तो आप पर छोड़ता हूं। अगर आप जीएसटी को उपलब्धि मानते हैं तो आप पर छोड़ता हूं। जीएसटी ने छोटे उद्योगों की कमर तोड़ दी।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि उसकी पांच उपलब्धियां क्या हैं।
तिवारी ने कहा, ‘‘संप्रग सरकार 2004 से 14 तक 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लेकर आई। अगर 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने पर अपनी पीठ थपथपाते हैं तो 27 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने वाली सरकार की आप निंदा क्यों करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मनरेगा का बजट 33 हजार करोड़ रुपये था। 2023-24 में 86 हजार करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब कि अर्थव्यवस्था में रोजगार पैदा नहीं हो रहा है। लोग न्यूनतम मजदूरी पर काम कर रहे हैं।’’
तिवारी ने कहा, ‘‘आपको संप्रग का धन्यवाद करना चाहिए कि मनरेगा ने आपको बचाया, नहीं तो देश में अराजकता होती।’’
उन्होंने कहा कि इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि उसने देश पर कर्ज तीन गुना बढ़ा दिया।
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