देश की खबरें | किसी सोशल मीडिया संस्था ने नहीं बल्कि भारत की जनता ने राहुल और कांग्रेस को नकारा :भाजपा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा और फेसबुक के बीच मिलीभगत के कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने शनिवार को कहा कि किसी सोशल मीडिया संस्था ने नहीं बल्कि भारत की जनता ने राहुल गांधी और उनकी पार्टी को नकार दिया।
नयी दिल्ली, 29 अगस्त भाजपा और फेसबुक के बीच मिलीभगत के कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने शनिवार को कहा कि किसी सोशल मीडिया संस्था ने नहीं बल्कि भारत की जनता ने राहुल गांधी और उनकी पार्टी को नकार दिया।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को एक महीने के भीतर दूसरी बार पत्र लिखकर पूछा कि इस सोशल नेटवर्किंग कंपनी की भारतीय इकाई की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा के प्रति पूर्वाग्रह रखने के आरोपों के संदर्भ में क्या कदम उठाए जा रहे हैं ?
यह भी पढ़े | Kavkaz 2020: रूस में होने वाले सैन्याभ्यास कावकाज-2020 में भारत नहीं होगा शामिल.
कांग्रेस नेता ने अमेरिका की मशहूर पत्रिका ‘टाइम’ की एक खबर का हवाला देते हुए जुकरबर्ग को पत्र लिखा है। उनका दावा है कि इस पत्रिका की खबर से भाजपा एवं फेसबुक इंडिया के ‘एक दूसरे को फायदा पहुंचाने और पक्षपात के सबूत’ तथा दूसरी जानकारियां सामने आई हैं।
मालवीय ने कहा, ‘‘कांग्रेस और राहुल गांधी सोचते हैं कि चुनावों में उनकी लगातार पराजय के लिए उन्हें छोड़कर बाकी सब जिम्मेदार हैं। उन्हें मान लेना चाहिए कि जनता का कांग्रेस या राहुल गांधी के निष्प्रभावी, अदूरदर्शी नेतृत्व में कोई भरोसा नहीं रहा है। किसी सोशल मीडिया संस्था ने नहीं बल्कि भारत की जनता ने उन्हें नकारा है।’’
‘टाइम’ की खबर शेयर करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर दावा किया कि इससे ‘व्हाट्सऐप और भाजपा की सांठगांठ’ का खुलासा हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भारत में व्हाट्एसऐप का 40 करोड़ लोग इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सऐप को पैसे के लेनदेन की सेवा आरंभ करने के लिए मोदी सरकार की अनुमति की जरूरत है। ऐसे में व्हाट्सऐप भाजपा की गिरफ्त में है।’’
उल्लेखनीय है कि व्हाट्सऐप का स्वामित्व फेसबुक के पास है।
वेणुगोपाल ने गत 17 अगस्त के लिखे अपने पत्र का हवाला दिया और जुकरबर्ग से सवाल किया कि कांग्रेस ने पहले जो मुद्दे उठाए थे उन पर फेसबुक की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं?
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)