देश की खबरें | पूर्वोत्तर देश के विकास के रडार पर: उपराष्ट्रपति धनखड़

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शिलॉन्ग, 16 अक्टूबर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पूर्वोत्तर में संचार और कनेक्टिविटी में तेजी से हो रही वृद्धि का उल्लेख करते हुए बुधवार को कहा कि पूर्वोत्तर देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

शिलॉन्ग में एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर देश की आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक ताने बाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। धनखड़ न्यू शिलॉन्ग में मेघालय कौशल एवं नवाचार केंद्र की आधारशिला रखने के बाद संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम)-शिलॉन्ग द्वारा समर्थित ‘सीएम बिजनेस कैटलिस्ट: स्टूडेंट बी-प्लान चैलेंज’ की भी शुरुआत की तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और मेघालय सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

मेघालय कौशल एवं नवाचार केंद्र 6.54 एकड़ भूमि पर 77.5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इसे ‘इनक्यूबेशन’, प्रशिक्षण, सहयोग और उद्योग भागीदारी के लिए एक सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा।

धनखड़ ने कहा कि युवाओं के सशक्तीकरण से देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल प्रदान करना समय की मांग है।

उन्होंने कहा, ‘‘कौशल की न तो खोज की जाती है और न ही उसका नवाचार किया जाता है, बल्कि यह वास्तव में किसी व्यक्ति की प्रतिभा का उस विशिष्ट क्षेत्र में अधिकतम इस्तेमाल होता है, जो मानव संसाधन को गुणात्मक रूप से अत्याधुनिक बनाता है।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कौशल अब एक गुणवत्ता नहीं रह गया है, बल्कि यह एक आवश्यकता बन गया है।

उन्होंने कहा कि ‘लुक ईस्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों के परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में संचार और कनेक्टिविटी में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर देश के विकास के रडार पर है।

पहल के लिए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कौशल और नवाचार केंद्र राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र की स्थापना से राज्य के मानव संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा।

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