नयी दिल्ली, 11 मार्च पश्चिम बंगाल में मनरेगा के कोष को रोकने के लेकर मंगलवार को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस कल्याण बनर्जी और सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
बनर्जी ने प्रश्नकाल में कहा कि मनरेगा योजना के लाभ पश्चिम बंगाल को नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रालय का लगातार यही कहना है कि धोखाधड़ी के 25 लाख मामले पकड़े गए हैं। हम कह रहे हैं कि आप तुरंत कदम उठाएं, जांच करें, आपराधिक कार्यवाही शुरू करें और गिरफ्तारी करें, लेकिन आप 25 लाख मामलों की वजह से 10 करोड़ लोगों का पैसा नहीं रोक सकते। अगर भ्रष्टाचार है तो आप कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।’’
बनर्जी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का नाम लेते हुए कहा, ‘‘आप केंद्रीय मंत्री हैं। आप इस तरह बर्ताव कर रहे हैं। आपको मंत्री किसने बनाया?’’
इस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने नाराजगी जताई।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बनर्जी की इस टिप्पणी पर आपत्ति प्रकट की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से आसन को संबोधित करते हुए अपनी बात रखने और एक दूसरे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देने की अपील की।
बनर्जी के पूरक प्रश्न के उत्तर में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्स छह महीने से बार-बार यही सवाल करते हैं कि पश्चिम बंगाल में मनरेगा के धन का आवंटन क्यों रोका जाता है।
पासवान ने कहा, ‘‘जब केंद्र की टीम राज्य में अनियमितताओं की जांच करने गईं तो योजनाओं का नाम बदला हुआ पाया। केंद्रीय दल के सदस्यों के साथ वहां अभद्रता की गई। जब केंद्रीय टीम ने रिपोर्ट जमा की तो उसके बाद धनराशि रोक दी गई।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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