जरुरी जानकारी | नोएडा प्राधिकरण डेवलपरों को देगा संपत्ति गिरवी रखने की सशर्त मंजूरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी.
नोएडा, पांच अप्रैल राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में सक्रिय बिल्डर अगर रियल एस्टेट सहायता कोष से मदद पाने के लायक पाए जाते हैं तो उन्हें संपत्तियों को गिरवी रखने की मंजूरी दी जाएगी।
नोएडा विकास प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि उसके बोर्ड की सोमवार को संपन्न बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में रियल एस्टेट डेवलपरों को संपत्ति गिरवी रखने की मंजूरी देने के साथ ही बकाया भुगतान को पुनर्निर्धारित करने का फैसला भी लिया गया।
केंद्र सरकार ने नवंबर, 2019 में स्थगित आवासीय परियोजनाओं का काम पूरा करने के लिए 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक सहायता कोष गठित किया था। इस कोष के निवेश प्रबंधन का दायित्व एसबीआई-कैप को दिया गया है।
'किफायती एवं मध्यम आय वाली आवासीय परियोजनाओं के लिए विशेष खिड़की' (स्वामी) नाम के इस कोष से 1,500 से अधिक अटकी पड़ी योजनाओं को पूरा किया जाना है जिनमें 4.58 लाख से अधिक फ्लैट प्रस्तावित हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस कोष से अब तक ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की तीन आवासीय परियोजनाओं को आर्थिक मदद मिल चुकी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों ही उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में आते हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने बयान में कहा, ‘‘स्वामी कोष के तहत मदद के लिए एसबीआई-कैप से प्रस्ताव मिलने के बाद संबंधित बिल्डर को संपत्ति गिरवी रखने की मंजूरी दी जाएगी।’’
इसके साथ ही प्राधिकरण ने बकाया राशि के पुनर्भुगतान के लिए उन बिल्डर परियोजनाओं को नया कार्यक्रम तय करने की भी मंजूरी देने की घोषणा की है जिनके अंतिम भुगतान का समय पहले ही बीत चुका है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)