देश की खबरें | राकांपा (एसपी) से कोई भी मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी के लिए इच्छुक नहीं है: शरद पवार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना (यूबीटी) द्वारा विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) पर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने का दबाव बनाये जाने के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरदचंद्र पवार ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी नेता मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के लिए इच्छुक नहीं है और इसके बजाय उनकी पार्टी राज्य में सरकार बदलने की ओर ध्यान दे रही है।
पुणे, 23 अगस्त शिवसेना (यूबीटी) द्वारा विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) पर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने का दबाव बनाये जाने के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरदचंद्र पवार ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी नेता मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के लिए इच्छुक नहीं है और इसके बजाय उनकी पार्टी राज्य में सरकार बदलने की ओर ध्यान दे रही है।
पवार ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर 27 अगस्त को बैठक होगी। उन्होंने बताया कि पहले यह बैठक 20 अगस्त को होनी थी, लेकिन ठाणे जिले के बदलापुर में एक स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुए कथित यौन शोषण के कारण इसे टाल दिया गया था।
शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले एमवीए द्वारा मुख्यमंत्री पद का चेहरा पेश करने पर जोर दिए जाने, जबकि कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पवार ने कहा, ‘‘जहां तक मेरी पार्टी का सवाल है तो हमारे किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’
उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी से किसी को भी (मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने में) दिलचस्पी नहीं है। हम सिर्फ सरकार बदलना चाहते हैं। हम एक ही मंच पर (अन्य एमवीए सहयोगियों के साथ) रहकर राज्य के लोगों को बेहतर प्रशासन देना चाहते हैं।’’
पवार ने चुनाव से पहले कहा कि सभी का ध्यान लोगों को सत्तारूढ़ महायुति के अलावा दूसरा विकल्प प्रदान करने पर होना चाहिए।
महायुति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राकांपा शामिल हैं।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पवार ने कहा, ‘‘जहां तक मेरी बात है, मैं सवालों के घेरे में नहीं हूं और इसीलिए अब इस मुद्दे (मुख्यमंत्री पद के चेहरे का) को उठाने की कोई जरूरत नहीं है। आज लोग विकल्प चाहते हैं और हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उन्हें वह विकल्प कैसे उपलब्ध कराया जाए।’’
प्रीति
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