देश की खबरें | नीलगिरी अदालत परिसर में महिलाओं के लिए शौचालय नहीं: याचिका जुलाई के पहले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका को जुलाई के पहले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध कर दिया जिसमें नीलगिरी महिला वकील संघ (डब्ल्यूएलएएन) ने तमिलनाडु के ऊटी स्थित एक अदालत परिसर में महिला शौचायलयों के अभाव का मुद्दा उठाया है।
नयी दिल्ली, 12 जून उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका को जुलाई के पहले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध कर दिया जिसमें नीलगिरी महिला वकील संघ (डब्ल्यूएलएएन) ने तमिलनाडु के ऊटी स्थित एक अदालत परिसर में महिला शौचायलयों के अभाव का मुद्दा उठाया है।
न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अवकाशकालीन पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दायर की गई रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया जो अदालत परिसर में उपलब्ध सुविधाओं के विवरण से संबंधित है।
पीठ ने डब्ल्यूएलएएन के वकील की दलीलें दर्ज कीं कि उनकी शिकायतों का समाधान कर दिया गया है।
न्यायालय ने कहा, "फिलहाल, याचिकाकर्ता संघ को कोई शिकायत नहीं है, मामले को जुलाई के पहले सप्ताह में उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।"
शीर्ष अदालत ग्रीष्मावकाश के बाद तीन जुलाई को फिर से खुलेगी।
इसने पूर्व में मद्रास उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री को ऊटी में स्थित संयुक्त अदालत परिसर में महिला वकीलों के लिए शौचालयों की कमी को दूर करने संबंधी उपायों पर एक विस्तृत रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस परिसर का उद्घाटन जून 2022 में हुआ था।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सात जून को मद्रास उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखकर नीलगिरी अदालत परिसर में महिला वकीलों के लिए शौचालयों की कमी के मुद्दे को हल करने करने की मांग की थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)