देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के कारागार प्रमुख की हत्या में कोई आतंकवादी संलिप्तता नहीं : एसआईटी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर के कारागार महानिदेशक एच. के. लोहिया की पिछले साल हुई हत्या में आतंकवादी संलिप्तता से इंकार करते हुए पुलिस जांच दल ने कहा कि आरोपी यासिर अहमद को उच्चाधिकारियों से ‘गंभीर समस्या’ थी, इस कारण उसने हत्या की।

जम्मू, 15 जनवरी जम्मू-कश्मीर के कारागार महानिदेशक एच. के. लोहिया की पिछले साल हुई हत्या में आतंकवादी संलिप्तता से इंकार करते हुए पुलिस जांच दल ने कहा कि आरोपी यासिर अहमद को उच्चाधिकारियों से ‘गंभीर समस्या’ थी, इस कारण उसने हत्या की।

एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की विस्तृत जांच की, अहमद का नार्को टेस्ट किया और अंत में इस नतीजे पर पहुंची की आरोपी ने अपने मन में यह धारणा बना ली थी लोहिया के घर में घरेलू सहायक के रूप में काम करने पर उसे सरकारी नौकरी मिलनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

गौरतलब है कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी लोहिया की सनसनीखेज हत्या से बड़ा बखेड़ा खडा हो गया था और खास तौर से जब एक लगभग अनाम आतंकवादी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट ने इसकी जिम्मेदारी ली तो, यह और सनसनीखेज हो गया। हालांकि, पुलिस ने इसे संगठन की चाल बताया।

विस्तृत पूछताछ के दौरान अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अहमद और आतंकवाद समूह के बीच कोई संबंध नजर नहीं आया। जांच के दौरान इसका भी विस्तार से पता लगाया गया कि जम्मू के रामबन जिले के हाल्ला दांद्रथ से निकलने के बाद अहमद कहां-कहां गया था।

उन्होंने बताया कि आरोपपत्र में कहा गया है कि गुजरात में कराए गए नार्को टेस्ट के दौरान अहमद ने प्रशासन के खिलाफ ‘बेहद गहरी रंजिश’ दिखायी और लगा कि उसे ‘धोखा’दिया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\