जरुरी जानकारी | बीएसएनएल, एमटीएनएल की संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने को लेकर कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं: समिति

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नयी दिल्ली, नौ फरवरी संसद की एक समिति ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) की संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने को लेकर कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है।

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने रिपोर्ट में अपनी पूर्व सिफारिश के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। इसमें संपत्तियों को चिन्हित करने के मामले में उच्चस्तर पर नीतिगत हस्तक्षेप करने की बात कही गयी थी ताकि जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान किया जा सके और सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों की संपत्तियों के मौद्रीकरण यानी बाजार पर चढ़ाने में में तेजी लाई जा सके।

समिति ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश रिपोर्ट में कहा, ‘‘विभाग इस मामले में प्रगति के बारे में समिति को जानकारी दे सकता है।’’

यह संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) की 2022-23 के लिये अनुदान मांगों पर पहले की रिपोर्ट में सिफारिशों/टिप्पणियों को लेकर सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों पर रिपोर्ट है।

समिति ने कहा, ‘‘सरकार के जोर के बावजूद वह बीएसएनएएल और एमटीएनएल की संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने को लेकर कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं होने से चिंतित है। सरकार ने कर्ज/ओवरड्राफ्ट/बॉन्ड के पुनर्भुगतान को लेकर मुख्य योजना के रूप में संपत्ति मौद्रीकरण की योजना को रखा है।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘कार्रवाई रिपोर्ट से समिति को पता चला है कि विभाग बीएसएनएल की विभिन्न श्रेणियों में आने वाली संपत्तियों के मौद्रीकरण के लिये प्रयास कर रहा है। लेकिन अबतक इसको लेकर कोई ठोस परिणाम नहीं आया है।’’

हालांकि, विभाग ने राज्य सरकारों के साथ भूमि को चिन्हित / पदनाम के मुद्दे को समाधान करने को लेकर वर्तमान स्थिति पर कोई जवाब नहीं दिया है। जबकि इससे मौद्रीकरण की संभावना प्रभावित हो रही है।

समिति ने इस बात भी पर जोर दिया है कि बीएसएनएल के सफलतापूर्वक 4जी सेवाओं के क्रियान्वयन को लेकर दूरसंचार विभाग जरूरी कदम उठाये।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विभाग ने बीएसएनएल को सभी बैंड में 5जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर समिति की सिफारिश पर कोई जवाब नहीं दिया। यह इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि बीएसएनएल को 4जी सेवाएं शुरू करने को लेकर निजी कंपनियों की तरह समान अवसर नहीं दिया गया।’’

समिति ने बीएसएनएल को 5जी स्पेक्ट्रम आवंटित किये जाने को लेकर अपनी पहले की सिफारिश दोहरायी है।

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