जरुरी जानकारी | नियुक्ति में कटौती की कोई योजना नहीं, लेकिन घर से काम करने का चलन समाप्त हो: टीसीएस प्रमुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के प्रमुख के कृतिवासन ने मंगलवार को नियुक्तियों में कटौती की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कंपनी की ऐसा करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन उभरते मांग परिदृश्य के अनुसार नियुक्तियों में तेजी लानी पड़ सकती है।
मुंबई, 20 फरवरी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के प्रमुख के कृतिवासन ने मंगलवार को नियुक्तियों में कटौती की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कंपनी की ऐसा करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन उभरते मांग परिदृश्य के अनुसार नियुक्तियों में तेजी लानी पड़ सकती है।
कृतिवासन ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को दफ्तर आकर ही काम करना चाहिए क्योंकि घर से काम करना व्यक्तिगत रूप से और संगठन दोनों के लिए आगे बढ़ने का सही तरीका नहीं है।
कर्मचारियों की संख्या, राजस्व और लाभ के मामले में टीसीएस सबसे बड़ी भारतीय सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी है।
यह बयान उस रिपोर्ट के बीच आया है जिसमें कहा गया है कि सॉफ्टवेयर उद्योग अपने प्रमुख बाजारों से मांग कम होने के कारण नियुक्तियों में नरमी बरत रहा है और उनमें से कुछ तो कैंपस में छात्रों को दी गयी पेशकश से भी पीछे हट रहे हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष निकाय नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज) ने पिछले सप्ताह कहा था कि उद्योग ने वित्त वर्ष 2023-24 में केवल 60,000 नौकरियां दी। इससे कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 54.3 लाख हो गयी।
टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के कृतिवासन ने यहां नैसकॉम के सत्र में कहा, ‘‘ अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत हैं, अत: हमें अधिक काम के लिए और अधिक लोगों की आवश्यकता है। वास्तव में, हमारी नियुक्ति योजनाओं को कम करने का कोई इरादा नहीं है और हम कर्मचारियों को उसी तरह से काम पर रखना जारी रखेंगे जैसे हम कर रहे हैं। संभवतः हमें नियुक्ति चरण को बदलना होगा, लेकिन निश्चित रूप से हमारी नियुक्ति योजनाओं में कोई कटौती नहीं होगी।’’
टीसीएस में छह लाख से ज्यादा लोग लोग कार्यरत हैं।
कृतिवासन ने यह भी कहा कि कंपनी सतर्क रुख के साथ मध्यम से दीर्घावधि में आशावादी बनी हुई है।
कर्मचारियों के दफ्तर से काम करने के लिए कंपनी के दबाव के बारे में, टीसीएस प्रमुख ने कहा कि सहकर्मियों और वरिष्ठों को काम पर देखकर महत्वपूर्ण सीख मिलती है और अगर लोग घर से काम करते हैं तो ऐसे सबक नहीं सिखाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि घर से काम करना/हाइब्रिड मॉडल व्यक्तिगत रूप से और संगठनों दोनों के लिए आगे बढ़ने का सही तरीका नहीं है। एक संगठन के रूप में, हम सहयोग और सौहार्द को महत्व देते हैं और इसे जूम कॉल या अन्य ऑनलाइन माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता है...।’’
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