नयी दिल्ली, 14 जुलाई मुस्लिम वर्ल्ड लीग (एमवीएल) के महासचिव शेख मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल-ईस्सा ने शुक्रवार को यहां जामा मस्जिद में खुतबा देते हुए कहा कि इस्लाम में चरमपंथ के लिए कोई जगह नहीं है और यह मानवता की रक्षा में यकीन रखता है।
‘खुतबा’ (संबोधन) पारंपरिक रूप से शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने से पहले दिया जाता है।
अल-ईस्सा ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चलने वालों को परास्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में अच्छे नैतिक चरित्र को काफी महत्व दिया गया है और मुसलमानों को हर किसी के प्रति दयालु होना चाहिए।
अल-ईस्सा ने अरबी में अपने संबोधन में कहा, “इस्लाम को दोहरी बातें पसंद नहीं हैं और मुसलमानों को सच्चाई के रास्ते पर चलने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि इस्लाम में चरमपंथ के लिए कोई जगह नहीं है और यह पूरी मानवता का सम्मान करना सिखाता है।
अल-ईस्सा ने कहा, "एक सच्चा आस्तिक सही रास्ते पर चलता है और उसे दयालु होना चाहिए।"
भारत दौरे पर आए अल-ईस्सा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।
एमडब्लूएल एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय मक्का में है। इसमें सभी इस्लामी देशों और संप्रदायों के सदस्य शामिल हैं।
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