देश की खबरें | कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं, लेकिन दबाव में कोई कार्रवाई नहीं होगी : योगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर की घटना के आरोपी तथा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की विपक्ष की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं होगी, लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं होगी।

लखनऊ/गोरखपुर, आठ अक्टूबर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर की घटना के आरोपी तथा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की विपक्ष की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं होगी, लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं होगी।

गोरखपुर में शुक्रवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में योगी ने कहा, ‘‘लखीमपुर खीरी की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं, सरकार उसकी तह तक जा रही है। लोकतंत्र में हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है ,जब कानून सभी को सुरक्षा प्रदान करने की गारंटी दे रहा है तो किसी को भी अपने हाथ में कानून लेने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो।’’

लखीमपुर में विपक्षी दलों के नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने न दिये जाने पर उन्होंने कहा,'' हमारे विपक्ष के जो मित्रगण थे, कोई सद्भावना के दूत नहीं थे और उनमें से कई चेहरे तो ऐसे हैं जो इस उपद्रव और इस हिंसा के पीछे भी शामिल हैं। एक बार तथ्‍य सामने आने दीजिए, हम दूध का दूध और पानी का पानी, सबके सामने रखेंगे।''

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के सीतापुर पीएसी के गेस्ट हाउस में पुलिस हिरासत में लिये जाने के बाद झाड़ू लगाये जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, "जनता उन्हें इसी लायक (झाड़ू लगाने लायक) बनाना चाहती है।"

खीरी यात्रा के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए योगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कोरोना काल में एक हजार बसों के नाम पर ट्रक और स्कूटर के नंबर दे दिए थे और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब पहली और दूसरी लहर में उनकी जरूरत थी तो वे लोग कहां थे, उस समय केवल भाजपा कार्यकर्ता और सरकार ही जनता के साथ खड़ी थी।

योगी ने आरोप लगाया, ‘‘विपक्षी नेता हिंदुओं और सिखों के बीच दरार पैदा करना चाहते थे, इसलिए मैं कहता हूं कि आंखें खोलो और उनका असली चेहरा देखो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और पंजाब के मुख्‍यमंत्री अपना राज्‍य संभाल नहीं पा रहे हैं लेकिन यहां राजनीति करने के लिए आ रहे हैं। उन्‍हें लखीमपुर के बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन चाकरी करनी है तो पीछे पीछे चले आए। पंजाब के मुख्यमंत्री अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि डीजीपी कौन होगा, कौन मुख्यमंत्री होगा, इस बात के लिए तरस रहे हैं, इससे बड़ा शर्मनाक क्‍या होगा। वे अपने आंतरिक झगड़ों में उलझे हैं।’’

गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के पुत्र को बचाने की कोशिश के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘कोई वीडियो इस प्रकार का नहीं है, हमने नंबर भी जारी किया है कि अगर किसी के पास कोई साक्ष्य है तो इस पर अपलोड करें। अन्‍याय किसी के साथ नहीं होगा। कानून को हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं होगी, लेकिन किसी के दबाव में भी कोई कार्रवाई नहीं होगी।’’

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