ठाणे, आठ कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को कहा कि देश में किसी को भी बजरंग बली या किसी अन्य देवता का विरोध करने का अधिकार नहीं है। उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए जारी घोषणा पत्र की पृष्ठभूमि में आई है।
महाराष्ट्र में ठाणे जिले के अम्बरनाथ शहर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए शास्त्री ने कहा कि अगर कोई बजरंग बली का विरोध करता है तो वह किसी खास एजेंडे के तहत काम कर रहा है।
मध्यप्रदेश स्थित बागेश्वर धाम के मुख्य पुजारी शास्त्री ने कहा, ‘‘प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म और परंपराओं का अनुपालन करने का अधिकार है लेकिन किसी को दूसरे की धार्मिक पद्धतियों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग बजरंग बली का विरोध कर रहे हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवना उनको सद्बुद्धि दें क्योंकि वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं। किसी को भी हमारे देश में बजरंग बली या किसी संत या भगवान का विरोध करने का अधिकार नहीं है।’’
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा जारी घोषणा पत्र में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के समकक्ष बजरंग दल को रखने की वजह से वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और दक्षिण पंथी संगठनों के निशाने पर आ गई है।
फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ को लेकर पूछे गए सवाल पर शास्त्री ने कहा कि यह फिल्म ‘लव जिहाद’ की सच्चाई को सामने लेकर आई है। उल्लेखनीय है कि अकसर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मुस्लिम युवकों द्वारा कथित तौर पर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसा कर विवाह के नाम पर उनका धर्मांतरण कराने को ‘लव जिहाद’ कहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी सनातनी हिंदुओं को यह महसूस होना चाहिए और इन महिलाओं को ऐसी घटनाओं के खिलाफ अब खड़ा होना चाहिए। ’’
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