देश की खबरें | भूमि पर कब्जा से जुड़े कानून में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं :विधि आयोग की सिफारिश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विधि आयोग ने सरकार से सिफारिश की है कि भूमि पर कब्जा से जुड़े कानून में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है।
नयी दिल्ली, दो जून विधि आयोग ने सरकार से सिफारिश की है कि भूमि पर कब्जा से जुड़े कानून में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है।
हालांकि, इसके दो पदेन सदस्यों--विधि निर्माण सचिव रीता वशिष्ठ और विधि सचिव नीतेन चंद्र--ने असहमति वाली टिप्पणी दाखिल कर दावा किया है कि यह कानून झूठे दावों को बढ़ावा देता है, जो न्यायिक पड़ताल में नहीं टिक पाते हैं।
भूमि पर कब्जा से संबद्ध कानून यह प्रावधान करता है कि किसी निजी भूमि पर 12 साल से अधिक समय या सरकारी भूखंड पर 30 साल से अधिक समय तक यदि किसी व्यक्ति का कब्जा रहा है तो उसे उसका मालिकाना हक मिल सकता है।
कानूनी उत्तराधिकारी निर्धारित अवधि के अंदर इसकी बरामदगी के लिए एक वाद दायर कर ही इस पर दावा कर सकता है।
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ऋतुराज अवस्थी की अध्यक्षता वाले 22वें विधि आयोग ने ‘भूमि पर कब्जा’ विषय पर अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘यदि सरकारी एजेंसी तत्परता से कार्रवाई नहीं करती है और किसी अतिक्रमण को उपयुक्त रूप से नहीं रोकती है, तब इसका यह मतलब नहीं है कि कानून ही खराब है।’’
न्यायमूर्ति अवस्थी ने यह उल्लेख किया कि भूमि पर कब्जा की अवधारणा बहुत लंबे समय से भारतीय कानूनी ढांचा का हिस्सा रही है।
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