झारखंड पहुंचे प्रवासी श्रमिकों की खुशी का ठिकाना नहीं

लातेहार के एक प्रवासी श्रमिक ने कहा कि तेलंगाना में उसे जहां रखा गया था, वहां रहने और खाने की व्यवस्था बहुत खराब थी, जिसके चलते प्रवासी भारी परेशानी में थे।

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इस श्रमिकों ने यहां पहुंचने पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार का धन्यवाद किया।

लातेहार के एक प्रवासी श्रमिक ने कहा कि तेलंगाना में उसे जहां रखा गया था, वहां रहने और खाने की व्यवस्था बहुत खराब थी, जिसके चलते प्रवासी भारी परेशानी में थे।

उसने कहा, ‘‘लेकिन अब मैं अपने घर पहुंचकर बहुत खुश हूं।’’

इसी प्रकार हैदराबाद से आए रामगढ़ के एक श्रमिक ने बताया कि वह एक महीने से भी अधिक समय से बिना किसी काम के वहां फंसा हुआ था।

इसी प्रकार हजारीबाग के अनवर ने कहा कि यहां पहुंच कर वह बहुत खुश है।

उसने कहा, ‘‘मुझे विश्वास था कि केन्द्र और राज्य सरकार हमें अपने गृह प्रदेश भेजेंगी, लेकिन घर की याद आ रही थी। इसके अलावा तेलंगाना में आवास और भोजन की व्यवस्था बहुत ही खराब थी।’’

प्रवासी श्रमिकों ने ट्रेन में और यहां पहुंचने पर हटिया स्टेशन पर उनके लिए किये गये प्रबन्धों की प्रशंसा की।

इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, ‘‘हम इन मजदूरों के शुक्रगुजार हैं कि वे इतना कष्ट सह कर भी वहां रुके थे और सरकार के इंतजाम का इंतजार कर रहे थे।’’

इससे पूर्व जब विशेष ट्रेन हटिया स्टेशन पहुंची तो प्रवासी श्रमिका का स्वागत रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों ने फूलों और खाने के पैकेट और पानी के साथ किया।

पूरी तरह सैनेटाइज किये गये हटिया रेलवे स्टेशन पर तेलंगाना से तड़के चली विशेष ट्रेन रात्रि लगभग सवा ग्यारह बजे पहुंची।

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