‘‘संशोधित मानदंडों के आधार पर छुट्टी मिलने के बाद कोविड-19 संक्रमण का जोखिम बढ़ने के प्रमाण नहीं’’

मंत्रालय ने रोगियों को अस्पतालों से छुट्टी दिये जाने संबंधी संशोधित नीति पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न’ (एफएक्यूज) में कहा कि इस तरह के रोगी छुट्टी मिलने के बाद सात दिन और घर में पृथक रहेंगे।

जमात

नयी दिल्ली, 11 मई कोविड-19 के मामूली या कम गंभीर रोगियों को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले जांच नहीं होने पर उनसे संक्रमण का खतरा बढ़ने की धारणाओं को खारिज करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य इस तरह के मामलों में संक्रमण फैलने के जोखिम की ओर इंगित नहीं करते।

मंत्रालय ने रोगियों को अस्पतालों से छुट्टी दिये जाने संबंधी संशोधित नीति पर ‘बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न’ (एफएक्यूज) में कहा कि इस तरह के रोगी छुट्टी मिलने के बाद सात दिन और घर में पृथक रहेंगे।

मंत्रालय ने नौ मई को इस संबंध में नयी नीति जारी की थी जिसके अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण के जिन रोगियों की हालत गंभीर है, उनकी आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

कोविड-19 के मामूली और कम गंभीर मामलों के संबंध में इस नीति में कहा गया है कि उन्हें लक्षण समाप्त होने के बाद छुट्टी दी जा सकती है और इससे पहले उनकी जांच जरूरी नहीं है।

मंत्रालय ने एफएक्यूज में एक प्रश्न के उत्तर में कहा है, ‘‘उपलब्ध साक्ष्य उन रोगियों से संक्रमण का जोखिम बढ़ने की ओर इशारा नहीं करते जिन्हें संशोधित मानदंडों के आधार पर छुट्टी दी गयी है। संशोधित मानदंडों में इस बात को भी स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के रोगियों को सात दिन और घर में पृथक रहना होगा।’’

नीति के अनुसार किसी कोविड-19 उपचार केंद्र में भर्ती कराये गये हल्के, बहुत हल्के और पूर्व में संक्रमण के लक्षण नहीं दिखने वाले रोगियों को लक्षणों की शुरुआत के दस दिन बाद छुट्टी दी जा सकती है जिनमें तीन दिन तक बुखार नहीं होना चाहिए।

इसमें कहा गया है कि ‘मामूली मामलों’ के तौर पर जिन रोगियों को वर्गीकृत किया गया है उन्हें सांस लेने की दिक्कत नहीं होने, एंटीपायरेटिक दवा लिये बिना बुखार नहीं होने और ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होने की स्थिति में लक्षण शुरू होने के दस दिन के बाद छुट्टी दी जा सकेगी।

इस नीति के अनुसार, ‘‘लेकिन गंभीर और हल्के, दोनों ही मामलों में रोगी को छुट्टी दिये जाने के बाद सात दिन और घर में पृथक-वास के नियम का पालन करना होगा।’’

रोगियों को अस्पतालों से छुट्टी दिये जाने संबंधी नीति बदलने के कारण के बारे में पूछे जाने पर मंत्रालय ने कहा कि कई देशों ने छुट्टी देने के मानदंड को ‘जांच आधारित रणनीति’ से ‘लक्षण आधारित रणनीति’ या ‘समय आधारित रणनीति’ के अनुसार बदला है।

इसमें कहा गया, ‘‘आईसीएमआर प्रयोगशाला निगरानी आंकड़ों की समीक्षा में भी इस तरह का संकेत मिला कि शुरुआती आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि होने पर रोगी दस दिन की औसतन अवधि के बाद संक्रमण मुक्त पाये गये।’’

हालिया अध्ययन भी सुझाते हैं कि लक्षण आने से दो दिन पहले वायरस का असर अधिक होता है और अगले सात दिन में यह क्षीण होता जाता है।

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