ताजा खबरें | रक्षा कैंटीन में सिर्फ देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग, बिक्री पर अभी कोई निर्णय नहीं
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने शनिवार को बताया कि रक्षा कैंटीन में सिर्फ देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग और बिक्री पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
नयी दिल्ली, 19 सितंबर सरकार ने शनिवार को बताया कि रक्षा कैंटीन में सिर्फ देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग और बिक्री पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
रक्षा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।’’
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उनसे पूछा गया था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ के आह्वान के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय अपने कैंटीन के माध्यम से सिर्फ भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग और विक्रय पर विचार करेगा।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों के तहत प्रधानमंत्री ने मई महीने में आत्मनिर्भर अभियान की शुरुआत की थी ओर इसके तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया था।
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एक अन्य सवाल के जवाब में नाईक ने स्वीकार किया कि रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में भारतीय वायु सेना की 37 एयरफील्ड की अवसंरचनाओं को आधुनिक बनाने के लिए किसी निजी कंपनी के साथ संविदा पर हस्ताक्षर किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘जी, हां। मंत्रालय ने 8 मई, 2020 को एयरफील्ड अवसंरचना (एमएएफआई) के दूसरे चरण के आधुनिकीकरण के लिए एक संविदा पर हस्ताक्षर किए हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस संविदा से बाजार में पूंजी लाने और संचार, एवियोनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी के अलावा सिविल और इलैक्ट्रिकल उपकरणों और निर्माण के क्षेत्र में रोजगार सृजन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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