देश की खबरें | मणिपुर पर प्रधानमंत्री का ‘मौनव्रत’ तोड़ने के लिए लाए अविश्वास प्रस्ताव: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस ने मणिपुर में हिंसा को लेकर ‘डबल इंजन’ सरकार पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव मजबूरी में लाना पड़ा ताकि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ा जा सके।

नयी दिल्ली, आठ अगस्त लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस ने मणिपुर में हिंसा को लेकर ‘डबल इंजन’ सरकार पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव मजबूरी में लाना पड़ा ताकि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ा जा सके।

सदन में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई ने लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखते हुए यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पद पर क्यों बनाए रखा?

उन्होंने दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मौन रहना चाहते हैं क्योंकि उन्हें सिर्फ अपनी छवि से लगाव है और वह अपनी सरकार, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विफलताओं को सामने नहीं आने देना चाहते।

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘ मैं इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों को आभार प्रकट करते हैं।’’

उनका कहना था, ‘‘यह हमारी मजबूरी है कि हमें यह अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है। यह संख्या को लेकर नहीं है, बल्कि मणिपुर के इंसाफ के लिए है।’’

गोगोई ने कहा, ‘‘यह अविश्वास प्रस्ताव हम मणिपुर के लिए लाए हैं। आज मणिपुर इंसाफ मांगता है, मणिपुर के युवा, महिलाएं इंसाफ मागती हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि अगर आज मणिपुर जल रहा है तो भारत जल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मणिपुर में आग लगी है, मणिपुर विभाजित हुआ तो भारत में आग लगी है, भारत विभाजित हुआ है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारी मांग थी कि देश के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री सदन में बयान दें और यहां से सदेश दिया जाए कि दुख की घड़ी में हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने मौन व्रत लिया। इसलिए हम इस अविश्वास प्रस्ताव लाए क्योंकि हम प्रधानमंत्री का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं।’’

गोगोई ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए? उन्हें मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लगे? जब बोले तो सिर्फ 30 सेकेंड के लिए बोले।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक प्रधानमंत्री की तरफ से संवेदना का कोई शब्द नहीं है, न शांति की गुहार लगाई।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री ने आज तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया? गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा में चुनाव आने से पहले मुख्यमंत्री को बदल दिया गया। मणिपुर के मुख्यमंत्री को ऐसा क्या आशीर्वाद दे रहे हैं?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को कबूल करना होगा कि मणिपुर में ‘डबल इंजन’ की सरकार विफल हो चुकी है।

गोगोई ने कहा, ‘‘मणिपुर में कोई पहली बार हिंसा नहीं हुई है। लेकिन समाज के दो वर्गों के बीच ऐसा बंटवारा हमने पहले कभी नहीं देखा था।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आज (भाजपा की) इस राजनीति से दो मणिपुर बन गए हैं। मैं (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी)वाजपेयी जी का संदेश मणिपुर के मुख्यमंत्री को देना चाहता हूं कि राजधर्म निभाया जाए। ’’

उन्होंने दावा किया कि अगर मणिपुर में वीडियो वायरल नहीं होता तो प्रधानमंत्री नहीं बोलते, चुप्पी साधे रहते।

उन्होने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री को अपनी छवि से लगाव है, इसलिए वह मौन रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मौन रहने का दूसरा कारण यह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विफल रहे हैं।’’

गोगोई ने दावा किया कि जब भी देश के समक्ष बड़े मुद्दे आते हैं तो प्रधानमंत्री मौन धारण कर लेते हैं।

कांग्रेस नेता के अनुसार, जाति, समुदाय और धर्म के आधार पर बंटवारा किया जाएगा तो पूर्वोत्तर में समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

गोगोई ने कहा, ‘‘यह कैसा राष्ट्रवाद है जो देश से ज्यादा सत्ता को महत्व देता है?’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आकर बयान दें और मणिपुर का दौरा करें और अपने साथ सभी दलों के लोगों को लेकर आएं।

गोगोई ने कहा, ‘‘आज आप (भाजपा) जितना भी नफरत फैलाएं, हम राहुल गांधी जी के नेतृत्व में जगह-जगह मोहब्बत की दुकान खोलेंगे।’’

उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन पर प्रधानमंत्री के हमले को लेकर पलटवार करते हुए हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ‘इंडिया’ गठबंधन को बदनाम करने पर तुले हैं, देश के नाम को बदनाम करने पर तुले हैं। अफसोस की बात है कि जब आप पीएफआई, इंडियन मुजाहिद्दीन और ईस्ट इंडिया की बात करते हैं, तब हम आईआईटी, इसरो, इंडियन पुलिस फ़ोर्स और इंडियन एयरफोर्स की बात करते हैं।’’

गोगोई का कहना था, ‘‘हम मणिपुर फोटो खिंचवाने नहीं, बल्कि दुख के समय में संवेदना प्रकट करने गए थे... आज भी मणिपुर में इंटरनेट नहीं है महिलाओं पर अत्याचार हुए हैं।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘बहुत गंभीरता पूर्वक मैं कहना चाहता हूं कि मणिपुर के एक ड्रग का माफिया आप ही पार्टी के एक सदस्य थे। इन्हें पकड़ा गया तो मणिपुर के मुख्यमंत्री के दफ्तर से फोन गया कि छोड़ दो। यह बात मैं नहीं कह रहा, बल्कि वहां की पुलिस कह रही है।’’

गोगोई के अनुसार, ‘‘ मणिपुर में थाने से हथियार लूटे जाते हैं। एक भीड़ थाने में जाकर हथियार लूट ले जाती है। अत्याधुनिक हथियार लूटे गए हैं जिसमें ए के 47 राइफल, इंसास राइफल हैं। क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है? यह बंदूक किस पर चलायेंगे ? ’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर के मामले पर समिति बनाई है। स्पष्ट होता है कि शीर्ष अदालत ने केद्र राज्य के कार्य को स्वीकार नहीं किया। केंद्र सरकार ने समिति बनायी लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला।’’

हक

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