जरुरी जानकारी | नीति आयोग की विनिवेश के लिये कंपनियों की अगली सूची कुछ सप्ताह में: राजीव कुमार

नयी दिल्ली, चार फरवरी नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि संस्थान विनिवेश के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की अगली सूची कुछ सप्ताह में तैयार कर लेगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि प्रस्तावित संपत्ति पुनर्निर्माण और प्रबंधन कंपनियां बैंकों के फंसे कर्ज की समस्या का समाधान करेंगी और उनका काम वैसे ही अच्छा होगा जैसा कि यूटीआई के मामले में देखा गया था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में बजट पेश किये जाने के कुछ दिनों बाद कुमार ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिये निरंतर प्रतिबद्धता दिखायी है।

अगले दौर की हिस्सेदारी बिक्री के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की सूची के बारे में कुमार ने कहा, ‘‘अब प्रक्रिया शुरू हुई है...हम अगले कुछ सप्ताह में अगली सूची तैयार कर लेंगे। हमें इस संबंध में कदम उठाने का आदेश मिला है।’’

विनिवेश में तेजी लाने को लेकर सीतारमण ने सोमवार को अपने बजट भाषण में कहा कि नीति आयोग सार्वजनिक उपक्रमों की अगली सूची तैयार करेगा और हम उन कंपनियों में रणनीतिक विनिवेश करेंगे।

आयोग पहले ही विनिवेश को लेकर पांच अलग-अलग समूह में अपनी सिफारिशें दे चुका है।

बैंक में फंसे कर्ज (एनपीए) की समस्या के समाधान के लिये संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी और संपत्ति प्रबंधन कंपनी के गठन के प्रस्ताव पर कुमार ने कहा कि बैंक_और कंपनियों के हिसाब-किताब पर जुड़वा दबाव (कंपनियों को दिये गये कर्ज की वापसी नहीं होने से फंसे कर्ज में वृद्धि और इससे ऋण देने की क्षमता पर असर) है, ऐसे में यह जरूरी है कि वे फिर से कर्ज देना शुरू करें।’’

उन्होंने पीटीआई- से कहा, ‘‘ऐसा नहीं होने पर, बैंकें के बही-खातों को बेहतर करने में काफी लंबा समय लगता अथवा उन्हें इससे उबारने के लिये बड़ी पूंजी उपलब्ध करानी पड़ती।’’ इसका दूसरा रास्ता यही है कि इन गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों को बैंकों के बही-खातों से अलग किया जाए।

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