जरुरी जानकारी | नीति आयोग ने वाहन कलपुर्जा विनिर्माण के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन का सुझाव दिया
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नयी दिल्ली, 11 अप्रैल नीति आयोग ने सरकार को वाहन कलपुर्जा विनिर्माण के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन देने और भारत को वैश्विक वाहन बाजारों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए बड़े वाहन संकुलों के विकास का शुक्रवार को सुझाव दिया।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने ‘वाहन उद्योग: वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की भागीदारी को सशक्त बनाने’ पर केंद्रित यह रिपोर्ट जारी की।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश का वाहन कलपुर्जा उत्पादन वर्ष 2030 तक बढ़कर 145 अरब डॉलर हो जाएगा जबकि निर्यात 20 अरब डॉलर से तीन गुना बढ़कर 60 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "सरकार को वाहन कलपुर्जा की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए परिचालन व्यय सहायता देनी चाहिए। इसमें टूलिंग, डाई और बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"
नीति आयोग की रिपोर्ट में वाहन क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए कई रणनीतिक राजकोषीय और गैर-राजकोषीय हस्तक्षेपों की रूपरेखा दी गई है।
इसमें कहा गया है, "सरकार को आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने के लिए शोध एवं विकास और परीक्षण केंद्रों जैसी सामान्य सुविधाओं के जरिये फर्मों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संकुल (क्लस्टर) के विकास का भी समर्थन करना चाहिए।"
रिपोर्ट में कौशल विकास पहलों पर जोर देते हुए कहा गया है कि उत्पादों में विविधता लाने और बौद्धिक संपदा अधिकारों को हस्तांतरित कर एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए शोध, विकास और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग पर प्रोत्साहन देने की जरूरत है।
इस रिपोर्ट में वैश्विक बाजार पहुंच का विस्तार करने के लिए संयुक्त उद्यमों की स्थापना, विदेशी सहयोग और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया गया है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि दक्षता में सुधार के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों के एकीकरण और उन्नत विनिर्माण मानकों का प्रोत्साहन किया जाए।
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