देश की खबरें | एनआईटी-राउरकेला की संस्थान परामर्श सेवा ने पिछले साल आठ विद्यार्थियों की जान बचाई: अधिकारी

नयी दिल्ली, 27 जुलाई विद्यार्थियों की भावनात्मक, शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राउरकेला के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में स्थापित संस्थान परामर्श सेवा (आईसीएस) ने पिछले साल आठ जिंदगियां बचाने में मदद की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि 2017 में अपनी स्थापना के बाद से आईसीएस एक मजबूत सहायता नेटवर्क के रूप में विकसित हुआ है और पेशेवर परामर्शदाता, मनोचिकित्सक, संकाय सलाहकार और सहकर्मी संरक्षक उसका हिस्सा हैं।

एनआईटी राउरकेला में आईसीएस के प्रमुख आरके बिस्वाल ने कहा, ‘‘पिछले एक साल में, एनआईटी राउरकेला की संस्थान परामर्श सेवा ने अपने समन्वित प्रयासों से आठ लोगों की जान बचाने में सफलतापूर्वक हस्तक्षेप किया। आईसीएस ने 987 विद्यार्थियों के साथ 2,000 से ज़्यादा ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्र आयोजित किए।’’

बिस्वाल ने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप, संस्थान ने अवसाद और खुद को नुकसान पहुंचाने की इच्छा से जूझ रहे विद्यार्थियों की चिंताओं का सफलतापूर्वक समाधान किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई बार विद्यार्थी क्रोध, टालमटोल, समय प्रबंधन, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता में कमी से जूझते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे ज़रूरत से ज़्यादा सोचते हैं, उनका आत्म-सम्मान कम होता है और उनमें नींद की समस्या पैदा होती है। नतीजतन उनमें मानसिक तनाव बढ़ जाता है।’’

बिस्वाल ने कहा, ‘‘माता-पिता, दोस्तों और जीवनसाथी के साथ संबंधों में समस्या अक्सर भावनात्मक अलगाव और भ्रम का कारण बनती है, क्योंकि कई विद्यार्थी अपनी भावनाओं को दूसरों के साथ साझा करने में झिझकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘करियर संबंधी चिंता एक और चुनौती है, जिसके लिए विद्यार्थी मार्गदर्शन और सहायता चाहते हैं। ’’

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