नयी दिल्ली, 18 अगस्त रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि रेलवे ने अपनी परिसंपत्तियों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निंजा मानवरहित यान खरीदे हैं।
मध्य रेलवे के मुम्बई संभाग ने स्टेशन परिसरों, रेलवे मार्ग खंडों, यार्डों, कार्यशालाओं जैसे रेलवे क्षेत्रों की बेहतर सुरक्षा और निगरानी के लिए हाल ही में दो निंजा मानवरहित यान खरीदे हैं।
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गोयल ने ट्वीट किया, ‘‘आसमान में नजर: निगरानी प्रणाली में सुधार, रेलवे ने हाल ही में निंजा मानवरहित यान खरीदे हैं। समय पर टैकिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और गड़बड़ी के समय जरूरी कदम उठाने जैसी सुविधा से लैस ड्रोन रेलवे परिसंपत्तियों की निगरानी बढ़ायेंगे तथा यात्रियों की अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।’’
मंत्रालय के एक बयान के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे सुरक्षा के लिए ड्रोनों के व्यापक उपयोग की योजना बनायी है।
बयान के अनुसार दक्षिणपूर्व रेलवे, मध्य रेलवे, रायबरेली की मॉडर्न कोचिंग फैक्ट्री, और दक्षिण पश्चिम रेलवे के लिए 31.87 लाख रूपये की लागत से आरपीएफ ने अबतक नौ ड्रोन खरीदे हैं।
आरपीएफ की 97.52 लाख रूपये की लागत से भविष्य में 17और ऐसे ड्रोन खरीदने की योजना है।
मंत्रालय का कहना है कि ड्रोन रेलवे की परिसंपत्तियों की निगरानी, यार्डों ,कार्यशालााओं एवं कारशेड की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं और इनका उपयेाग जुआ, कूड़ा फेंके जाने, रेल परिसर में फेरी लगाने जैसे अपराधी एवं असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी के लिए किया जा सकता है।
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