नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कहा कि एक तंबाकू कंपनी का वितरक बनाने का वादा करके एक व्यक्ति से 50 लाख रुपये की ठगी के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में चार किशोरों को भी पकड़ा गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान निशांत गुप्ता (27), सूरज (29), दीपक (27), संतोष (27) और सुनील शाक्य (41) के रूप में हुई है।
पुलिस ने कहा कि उन्होंने अपने ‘डोमेन’ नामों का उपयोग करके वास्तविक वेबसाइट से बेहद मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाईं। 25 अप्रैल को गुलशन चड्ढा नामक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें अज्ञात नंबरों से 'कॉल' आईं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि फोन करने वालों ने उन्हें बताया कि वे एक प्रतिष्ठित कंपनी के अधिकारी हैं।
पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता को कंपनी का वितरक बनाने का वादा करके 50 लाख रुपये का निवेश करने का लालच दिया। पुलिस ने बताया कि बाद में शिकायतकर्ता को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस उपायुक्त (आईएफएसओ) प्रशांत गौतम ने कहा कि आरोपी बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से काम कर रहे थे। पुलिस ने बिहार के पटना से चार किशोरों को पकड़ा। बाद में गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। गुप्ता नाबालिग को उनके आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने के बाद बैंक खाते खोलने के लिए कहता था।
गौतम ने कहा कि इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाले धन के लेन-देन में किया जाता था। धोखाधड़ी वाला धन दीपक के खाते में भी मिला, जिसे पटना से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद संतोष को भी पटना से गिरफ्तार किया गया।
डीसीपी ने बताया कि वेबसाइट बनाने वाले सूरज को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से और शाक्य को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिफ्तार किया गया।
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