देश की खबरें | एनआईए ने 2022 के कोयंबटूर विस्फोट मामले में आरोप पत्र दायर किया, कहा मुख्य आरोपी आईएसआईएस से प्रेरित था

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अक्टूबर 2022 में कोयंबटूर में हुए कार बम विस्फोट के सिलसिले में बृहस्पतिवार को छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया और कहा कि आतंकवादी हमले का मुख्य आरोपी ‘आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित’ था।

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अक्टूबर 2022 में कोयंबटूर में हुए कार बम विस्फोट के सिलसिले में बृहस्पतिवार को छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया और कहा कि आतंकवादी हमले का मुख्य आरोपी ‘आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित’ था।

मामला 23 अक्टूबर, 2022 को कोयंबटूर में उक्कदम की ईश्वरन कोविल स्ट्रीट पर स्थित प्राचीन मंदिर ‘अरुलमिगू कोट्टई संगमेश्वरार तिरुकोविल’ के पास विस्फोट से जुड़ा है।

एनआईए ने एक बयान में कहा कि कार में रखे आईईडी (वी-आईईडी) में मंदिर के सामने विस्फोट हो गया जिसे जामेशा मुबीन चला रहा था।

इसमें कहा गया, ‘‘मुबीन हमले को अंजाम देने के लिए आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित था। उसने स्वयंभू खलीफा अबू्-अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति अपनी निष्ठा की कसम भी खाई थी।’’

मुबीन के खिलाफ आरोपों को समाप्त कर दिया गया था क्योंकि वह विस्फोट में मारा गया था, वहीं एजेंसी ने उसके कथित सहयोगियों मोहम्मद असरुतीन, मोहम्मद तल्हा, फिरोज, मोहम्मद रियास, नवास और अफसार खान पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), आईपीसी और विस्फोटक तत्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप दर्ज किये थे।

एनआईए ने कहा कि मुबीन की साजो-सामान के बंदोबस्त में इन छह लोगों ने मदद की थी।

उसने कहा, ‘‘तल्हा ने नीले रंग की मारुति 800 कार का बंदोबस्त किया था जिस पर रजिस्ट्रेशन नंबर टीएन-01-एफ-6163 था जिसका इस्तेमाल वी-आईईडी के रूप में विस्फोट के लिए किया गया।’’

एनआईए के अनुसार फिरोस, रियास और नवास ने कार में विस्फोटक, गैस सिलेंडर आदि लादे थे, वहीं असरुतीन और अफसार ने हमले में शामिल वी-आईआईडी बनाने में इस्तेमाल रसायनों के खरीदने, मिलाने और पैक करने का काम किया था। दोनों मुबीन के रिश्तेदार थे।

एजेंसी ने कहा कि मोहम्मद असरुतीन के घर से एक पैन ड्राइव मिला जिसमें मुबीन की वीडियो रिकॉर्डिंग है। इनमें उसने अपनी पहचान दौलत-ए-इस्लामिया (या इस्लामिक स्टेट) के सदस्य के तौर पर की थी।

एनआईए के अनुसार, ‘‘उसने ‘काफिरों’ के खिलाफ आत्मघाती आतंकी हमले को अंजाम देने और शहादत देने की मंशा खुलकर जाहिर की थी।’’

उसने कहा कि मुबीन श्रीलंका के चरमपंथी इस्लामी मौलवी जहरान हाशिम के उपदेशों से प्रेरित था। हाशिम ने 2019 में श्रीलंका में ईस्टर पर बम हमलों की साजिश रची थी जिनमें करीब 260 लोग मारे गये थे।

एनआईए के बयान के अनुसार मुबीन इसी तरह के हमले को अंजाम देना चाहता था।

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