नयी दिल्ली, 13 दिसंबर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले साल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद इलाके में हुए विस्फोट से जुड़े एक मामले में सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के मुताबिक, यह विस्फोट 17 जनवरी को बेल्दंगा के रामेश्वरपुर हाई स्कूल के पीछे लीची के एक बाग में उस समय हुआ, जब आरोपी एक बम बना रहे थे।
अधिकारी ने बताया कि आरोपपत्र मंगलवार को एक विशेष अदालत में दाखिल किया गया। उन्होंने बताया कि इन सात आरोपियों ने रामेश्वरपुर के स्थानीय लोगों में भय फैलाने और क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए बम बनाने और उन्हें जमा कर रखने की आपराधिक साजिश रची थी।
संघीय जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि एनआईए ने जांच का जिम्मा संभालते हुए 20 सितंबर 2022 को दोबारा मामला दर्ज किया था। विस्फोट में मारे गए इयासुद्दीन एस.के खिलाफ आरोप समाप्त माने जाएंगे, जबकि छह अन्य आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे का सामना करना होगा।
अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के समय इयासुद्दीन एस.के., सुकचंद अली और मंसूर अली उर्फ मंसूर शेख स्कूल के पीछे बम बना रहे थे। विस्फोट में इयासुद्दीन और सुकचंद झुलस गए थे।
अधिकारी ने बताया कि शुरू में घटनास्थल से करीब 75 बम और बम बनाने संबंधी सामग्री जब्त की गई थी।
प्रवक्ता ने बताया कि इसके बाद दो अन्य आरोपियों मसादुल हक उर्फ मसादुल एस.के. और हबीबुर रहमान उर्फ हबू द्वारा किये गये खुलासे के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल से लोहे की 12 पाइप भी बरामद की थी।
अधिकारी ने बताया कि एक अन्य आरोपी तहाबुल एस.के की निशानदेही पर पुलिस ने 28 मार्च और 31 मार्च, 2022 को दो जगह से कुछ और बम बरामदग किये थे।
उन्होंने बताया कि जब्त किए गये सभी बम निष्क्रिय कर दिये गए हैं।
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