देश की खबरें | एनआईए ने गैर कानूनी गतिविधियों के लिए सिख युवकों की भर्ती करने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विदेशी आकाओं के निर्देश पर देश में अशांति फैलाने के इरादे से, प्रतिबंधित एसएफजे समूह में सिख युवकों की भर्ती करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है।
नयी दिल्ली, 23 जून राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विदेशी आकाओं के निर्देश पर देश में अशांति फैलाने के इरादे से, प्रतिबंधित एसएफजे समूह में सिख युवकों की भर्ती करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 23 वर्षीय परगट सिंह पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला है और उसे रविवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि सिंह को सोमवार को मोहाली स्थित विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया और अदालत ने 29 जून तक के लिए उसकी हिरासत जांच एजेंसी को दे दी।
अधिकारी ने बताया कि सिंह प्रमुख साजिशकर्ता और कट्टरपंथी सिख युवकों की भर्ती का काम करता था। वह विदेश में बैठे आकाओं के निर्देश पर सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की गतिविधियों को देश में बढ़ाने का प्रयास कर रहा था। एसएफजे को देश में गैर कानूनी गतिविधियां निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया है।
उन्होंने बताया कि अमृतसर शहर के सुल्तानविंद पुलिस थाने में वर्ष 2018 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यूएपीए और सशस्त्र कानून की धाराएं भी जोड़ी गईं।
यह भी पढ़े | राष्ट्रीय सुरक्षा पर केवल 39 प्रतिशत भारतीयों का राहुल गांधी पर भरोसा.
अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार 11 आरोपियों के खिलाफ मार्च 2019 में आरोप पत्र दाखिल किया।
एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि इसके आधार पर एनआईए ने इस साल पांच अप्रैल को दोबारा मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
उन्होंने बताया कि यह मामला 2017-18 के बीच पंजाब में हुई हिंसा की कई घटनाओं और आगजनी, ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से दुष्प्रचार और एसएफजे के समर्थन के लिए अभियान चलाने से जुड़ा है।
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी के अन्वेषण दायरे में विदेश में बैठे एसएफजे के आकाओं के निर्देश और वित्तीय मदद से कट्टरपंथी युवकों द्वारा दिल्ली और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पोस्टर लगाने का मामला भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि सिंह सहित आरोपियों को विभिन्न माध्यमों से विदेशी आकाओं से धन मिला।
एनआईए ने कहा कि मामले की जांच जारी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)