देश की खबरें | एनजीटी ने हिंडन नदी में अपशिष्ट पदार्थ बहाने पर अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया

नयी दिल्ली, 27 फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ग्रेटर नोएडा की एक आवासीय कॉलोनी से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थ को हिंडन नदी में बहाने पर रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कम से कम समय के भीतर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

अधिकरण ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से भी जवाब मांगा है। एनजीटी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दावा किया गया था कि ग्रेटर नोएडा में शिवम एन्क्लेव कॉलोनी से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थ नदी में बहाया जा रहा है।

अधिकरण ने जनवरी में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और गौतम बौद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट सहित अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।

रिपोर्टों पर गौर करते हुए एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की पीठ ने कहा, ‘‘शिवम एन्क्लेव कॉलोनी, पुराना हैबतपुर हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र में स्थित है जहां कोई सीवरेज नेटवर्क नहीं है और इससे उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थ सीधे हिंडन नदी में प्रवाहित किया जाता है।’’

विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की सदस्यता वाली पीठ ने कहा, ‘‘संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता है कि न केवल बाढ़ क्षेत्र की रक्षा की जाए बल्कि हिंडन नदी में अनुपचारित अपशिष्ट पदार्थ के प्रवाह को कम से कम समय के भीतर रोका जाए।’’

इसने चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी। इस मामले पर अगली सुनवाई छह मई को होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)