देश की खबरें | एनजीटी ने यमुना तट पर दिल्ली पुलिस के प्रशिक्षुओं के रहने के लिये निर्माण कार्य की नहीं दी अनुमति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने बुधवार को दिल्ली पुलिस की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने यमुना नदी के तट पर प्रशिक्षुओं के रहने के लिये निर्माण कार्य करने की अनुमति मांगी थी।
नयी दिल्ली, 30 सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने बुधवार को दिल्ली पुलिस की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने यमुना नदी के तट पर प्रशिक्षुओं के रहने के लिये निर्माण कार्य करने की अनुमति मांगी थी।
एनजीटी अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह परियोजना यमुना तट के ठीक पास में स्थित है और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।
पीठ ने कहा कि मौजूदा परियोजना से ठोस कूड़ा गंदा जल निकलने की आशंका है।
पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति एस पी वांगडी भी शामिल थे।
एनजीटी ने कहा कि व्यवहार्य स्थायी निर्माण के लिये वैकल्पिक स्थान तलाशने की जरूरत है।
एनजीटी दिल्ली पुलिस की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
गौरतलब है कि एनजीटी ने 2015 के अपने आदेश में यमुना के तट पर किसी भी तरह की निर्माण गतिविधि पर रोक ला दी थी।
पीठ ने यमुना पुनर्जीवन की निगरानी के लिय गठित प्रधान समिति को निर्देश दिया था कि वह तट पर निर्मित सभी मौजूदा ढांचों की पहचान करे। इसके बाद समिति इस बारे में अपनी सिफारिशें दे कि पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के हित में किस ढांचे को गिराना या नहीं गिराना है, खासतौर पर यदि ऐसे ढांचों का निर्माण अनधिकृत या अवैध तरीके से हुआ हो। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)